Mercedes-Benz (मर्सिडीज-बेंज) ने भारत में E-Class और C-Class सेडान को वापस मंगाने (रिकॉल) का फैसला लिया है। इसके अलावा, GLC, G-Class SUVs, S-Class, AMG GT और AMG E 63 को भी अलग-अलग तकनीकी समस्याओं के कारण रिकॉल किया गया है।
E-Class और C-Class में इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) की सॉफ्टवेयर गड़बड़ी को ठीक करने के लिए इन्हें रिकॉल किया गया है। जबकि अन्य मॉडल्स में फ्यूल डिलीवरी मॉड्यूल की खामी पाई गई है, जो कंपनी के मानकों पर खरा नहीं उतरता।
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Santosh Iyer, MD and CEO & Lance Bennett, Vice President-Sales and Marketing, Mercedes-Benz India
- फोटो : Mercedes-Benz
E-Class और C-Class पेट्रोल वेरिएंट रिकॉल
वाहन निर्माता के ताजा रिकॉल में यह वाहन हुए प्रभावित:
E-Class: 2,543 यूनिट्स (29 अप्रैल 2022 से 20 अगस्त 2024 के बीच बनीं)
C-Class: सिर्फ 3 यूनिट्स (31 अगस्त 2021 से 31 अक्टूबर 2021 के बीच बनीं)
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Santosh Iyer, MD and CEO & Lance Bennett, Vice President-Sales and Marketing, Mercedes-Benz India
- फोटो : Mercedes-Benz
SIAM (सियाम) के दस्तेवजों से पता चलता है कि, ECU सॉफ्टवेयर में खामी की वजह से, जब कार 'सैलिंग मोड' से बाहर आती है तो पेट्रोल इंजन में फ्यूल इंजेक्शन बंद हो सकता है।
'सैलिंग मोड' का मतलब होता है कि जब चालक एक्सीलरेटर से पैर हटाता है, तो कार स्वाभाविक रूप से थोड़ी दूरी तक बिना अधिक इंजन उपयोग के चलती रहती है, जिससे माइलेज बेहतर होता है। लेकिन इस खामी के कारण, कार अचानक प्रोपल्शन (गति बनाए रखने की क्षमता) खो सकती है, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है।
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Santosh Iyer, CEO & MD and Lance Bennett, VP Sales & Marketing with Mercedes-AMG GLC 43 Coupe 4MATIC
- फोटो : Mercedes-Benz
अन्य मॉडल्स को भी किया गया रिकॉल, फ्यूल डिलीवरी मॉड्यूल में समस्या
मर्सिडीज-बेंज ने GLC, G-Class, S-Class, AMG GT और AMG E 63 के कुछ पेट्रोल वेरिएंट्स को भी वापस मंगाया है।
किन मॉडल्स में पाई गई यह समस्या?
GLC SUVs: 7 अक्तूबर 2022 के बाद बनी गाड़ियां
AMG GT: 5 अक्तूबर 2022 के बाद बनी गाड़ियां
S-Class: 20 जुलाई 2022 से 29 सितंबर 2023 के बीच बनी गाड़ियां
G-Class SUVs: 17 अगस्त 2022 से 20 दिसंबर 2022 के बीच बनी गाड़ियां
AMG E 63: 9 अक्तूबर 2021 से 18 अक्तूबर 2022 के बीच बनी गाड़ियां
क्या है समस्या?
SIAM के सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि प्रभावित मॉडल के सिर्फ पेट्रोल वेरिएंट में ही दोषपूर्ण फ्यूल डिलीवरी मॉड्यूल है। जिसके कारण फ्यूल पंप बंद हो सकता है। इससे कार "स्वतः ही प्रोपल्शन खो सकती है (यानी स्पीड खो सकती है), और दुर्घटना या चोट का जोखिम बढ़ सकता है"।