जीएसटी प्राधिकरण से कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद, Maruti Suzuki India (मारुति सुजुकी इंडिया) को 2,159.7 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर (आयकर ड्राफ्ट मूल्यांकन आदेश) मिला है। एक नियामक फाइलिंग में, कार निर्माता ने कहा कि उसे वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए आयकर प्राधिकरण से 3 अक्तूबर को एक ड्राफ्ट असेसमेंट आदेश मिला। नियामक फाइलिंग से यह भी पता चला है कि आदेश के अनुसार, लौटाई गई आय के संबंध में 2,159.7 करोड़ रुपये की कुछ एडिशन या डिसअलावेंस प्रस्तावित की गई है।
विज्ञापन
2 of 5
Maruti Suzuki
- फोटो : ANI
मारुति सुजुकी ने दावा किया है कि इस मसौदा मूल्यांकन आदेश के कारण ऑटो निर्माता की वित्तीय, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कार निर्माता ने आगे कहा कि वह विवाद समाधान पैनल के समक्ष ड्राफ्ट असेसमेंट आदेश के संबंध में अपनी आपत्तियां दर्ज करने की योजना बना रही है।
विज्ञापन
3 of 5
Maruti Suzuki Grand Vitara
- फोटो : For Reference Only
आयकर नोटिस मारुति सुजुकी को जीएसटी प्राधिकरण से कारण बताओ नोटिस मिलने के कुछ दिनों के भीतर आया था। वाहन निर्माता को 30 सितंबर को कारण बताओ नोटिस मिला, जिसमें जुलाई 2017-अगस्त 2022 की अवधि के लिए पहले से भुगतान किए गए टैक्स की राशि 139.3 करोड़ रुपये के अलावा ब्याज और जुर्माने की मांग की गई थी।
4 of 5
Maruti Suzuki cars
- फोटो : ANI
वाहन निर्माता ने सितंबर 2023 में 181,343 कारें बेचने की सूचना दी, जो कि एक साल पहले की अवधि की तुलना में साल-दर-साल 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करती है। इस बढ़ोतरी का श्रेय यूटिलिटी वाहनों की बढ़ती मांग को दिया गया है। मारुति सुजुकी ने यह भी दावा किया कि उसने चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में 10 लाख से ज्यादा कारें बेचीं। कार निर्माता ने कहा है कि सितंबर में कंपनी की घरेलू बिक्री 2.5 प्रतिशत बढ़कर 1,58,832 यूनिट्स रही, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 1,54,903 यूनिट्स थी।
मारुति सुजुकी ने आगे दावा किया है कि बिक्री बढ़ने से सितंबर में उसके यूटिलिटी वाहन उत्पादन में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। हालांकि, सितंबर 2023 में ऑल्टो K10 और S-Presso जैसे मॉडलों के उत्पादन में एक साल पहले इसी महीने की तुलना में 70 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई है।