फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: इलेक्ट्रिक वाहनों की बिजली खपत बढ़ी, सितंबर 2022 की तुलना में जुलाई 2023 में हुआ तीन गुना इजाफा

Mon, 21 Aug 2023 07:57 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
EV Charging Stations - फोटो : For Reference Only
महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए बिजली का इस्तेमाल पिछले साल सितंबर में 4.56 मिलियन यूनिट से तीन गुना से ज्यादा बढ़कर जुलाई 2023 में 14.44 मिलियन यूनिट हो गया।

एक आधिकारिक रिलीज में कहा गया है कि राज्य संचालित MSEDCL (एमएसईडीसीएल), जिसे महावितरण भी कहा जाता है, ईवी के लिए चार्जिंग स्टेशन प्रदान करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र को ऐसे बुनियादी ढांचे के साथ आने में मदद करने और क्षेत्र के संबंध में नीतियों में सरकार की सहायता करने जैसे अन्य कार्यों के लिए नोडल एजेंसी है। 
विज्ञापन

2 of 5
EV Charging - फोटो : Social Media
एमएसईडीसीएल के सीएमडी लोकेश चंद्रा के हवाले से रिलीज में कहा गया है कि सितंबर 2022 में महाराष्ट्र में ईवी के लिए बिजली का उपयोग 4.56 मिलियन यूनिट था, जो मार्च में बढ़कर 6.10 मिलियन यूनिट और इस साल जुलाई में 14.44 मिलियन यूनिट हो गया।
विज्ञापन

3 of 5
Ola Electric Scooter - फोटो : Ola Electric
ईवी के लिए बिजली की बिक्री राज्य भर में 3,214 सार्वजनिक और निजी चार्जिंग स्टेशनों से हुई, इसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र में ईवी की बिक्री 2018 में 4,643 यूनिट्स से बढ़कर 2022 में 1,89,698 और इस साल 31 मार्च तक 2,98,838 यूनिट्स हो गई।

4 of 5
Electric Bike - फोटो : Matter
एमएसईडीसीएल की रिलीज में कहा गया है कि ईवी में दोपहिया वाहनों की संख्या 2.5 लाख से ज्यादा है।

राज्य सरकार की इस एजेंसी की रिलीज में बताया गया, "2018 में सिर्फ चार इलेक्ट्रिक बसें बेची गईं, जो 2022 में बढ़कर 336 हो गईं और मार्च 2023 के आखिर में 1,399 हो गईं।"

इसमें कहा गया है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, जो एकनाथ शिंदे सरकार में ऊर्जा विभाग भी संभालते हैं, ने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ईवी को बढ़ावा देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Tata Nexon EV Charging - फोटो : For Refernce Only
रिलीज में कहा गया, "पेट्रोल से चलने वाले एक पारंपरिक दोपहिया वाहन की परिचालन लागत 2.12 रुपये प्रति किलोमीटर है, जबकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन के लिए यह 54 पैसे प्रति किलोमीटर है। पेट्रोल से चलने वाले चार पहिया वाहन की परिचालन लागत 7.57 रुपये प्रति किलोमीटर है, जो है इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन के मामले में सिर्फ 1.51 रुपये प्रति किलोमीटर है।''

रिलीज में कहा गया है कि पारंपरिक तिपहिया वाहन की परिचालन लागत 3.20 रुपये प्रति किलोमीटर है, जबकि इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन के लिए यह घटकर 59 पैसे प्रति किलोमीटर हो जाती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें