भारत ने स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध कार निर्माताओं के लिए प्रस्तावित एक नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर आयात कर में कटौती करने का मन नहीं बनाया है। जिससे बाजार में टेस्ला की एंट्री में आसानी हो। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।
भारत के घरेलू वाहन निर्माता टेस्ला के बाजार में एंट्री की संभावना से चिंतित हैं - और सरकार की टेस्ला और अन्य वैश्विक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहन देने की योजना है। भारत 100 प्रतिशत ईवी आयात कर को घटाकर 15 प्रतिशत तक करने के लिए एक प्रस्तावित नीति पर काम कर रहा है, जो आखिरकार भारत में निवेश और मैन्युफेक्चरिंग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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Elon Musk and PM Modi
- फोटो : X/@PMOIndia
आयात कर पर विचार-विमर्श तब शुरू हुआ जब टेस्ला ने कहा कि वह 24,000 डॉलर (20 लाख रुपये) की कीमत वाली ईवी का उत्पादन करने के लिए भारत में एक कारखाना बनाने में रुचि रखता है, जो टेस्ला के मौजूदा एंट्री लेवल मॉडल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत सस्ता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला ने उन ज्यादा महंगे मॉडलों पर कर कम करने का भी आह्वान किया है जिन्हें वह भारत में बेचना चाहता है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के उद्योग और व्यापार संवर्धन विभाग के शीर्ष नौकरशाह राजेश कुमार सिंह ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में कहा है कि टेस्ला संभवतः भारत में 24,000 डॉलर से 36,000 डॉलर की रेंज में कारें लाने की कोशिश करेगा। क्योंकि वे जानते हैं कि "इसी में ज्यादा बिक्री" होगी।
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For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
सिंह ने बुधवार देर रात कहा, "इस मुद्दे पर घरेलू उद्योग प्रतिरोध बढ़ा रहा है क्योंकि वे भी उस (ईवी प्राइस) सेगमेंट में हैं।"
"यह एक बहुत ही विवादित क्षेत्र है और हम अब तक इस पर अंतिम फैसला नहीं ले पाए हैं।"
सिंह ने किसी भी घरेलू वाहन निर्माता का नाम नहीं लिया। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक भारत के सबसे बड़े ईवी खिलाड़ी टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अधिकारियों पर टेस्ला की संभावित एंट्री योजनाओं के बीच स्थानीय फर्मों की सुरक्षा के लिए ईवी आयात कर कम नहीं करने का दबाव डाला है।
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Tesla Supercharger
- फोटो : Social Media
महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने इस सप्ताह एक साक्षात्कार में घरेलू और विदेशी ईवी वाहन निर्माताओं के बीच एक समान अवसर का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहिए।
टेस्ला ने नियमित अमेरिकी व्यावसायिक कामकाज के समय के बाहर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया।
टेस्ला ने सबसे पहले कम आयात करों की मांग करके भारत में एंट्री करने की कोशिश की। एलन मस्क ने कहा कि भारत में आयात कर "किसी भी बड़े देश की तुलना में दुनिया में सबसे ज्यादा" थे।
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Tesla Car Plant
- फोटो : Tesla
करों पर उस मांग के कारण 2022 में नई दिल्ली के साथ गतिरोध की बातचीत हुई। हाल ही में, रुख में बदलाव में, टेस्ला ने स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग स्थापित करने की पेशकश की है जैसा कि भारत ने जोर दिया है।
भारतीय अधिकारी सिंह ने बताया, "इस बात पर कुछ चर्चा हुई है कि क्या आप थोड़े समय के लिए टैरिफ कम करेंगे, लेकिन वह (मस्क) काफी महत्वपूर्ण निवेश और घरेलू मूल्य संवर्धन मानदंडों को भी स्वीकार करते हैं।"
सिंह ने कहा, "इससे टेस्ला को कम समय के लिए सीमित संख्या में वाहनों का आयात करने की अनुमति मिलेगी, हालांकि मस्क को 'भारत में निवेश करने, भारत में निर्माण करने' की भी निश्चित प्रतिबद्धताएं प्रदान करने की जरूरत होगी।"
भारत ने पिछले साल 40 लाख कारें बेचीं और उनमें से सिर्फ 82,000 ईवी थीं। लेकिन नए सेगमेंट में पिछले वर्ष की तुलना में 115 प्रतिशत की बिक्री बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सिंह ने कहा कि सरकार देश भर में उचित चार्जिंग बुनियादी ढांचे को तैयार करने की भी कोशिश कर रही है। क्योंकि इसकी कमी एक प्रमुख कारण है कि उपभोक्ता ईवी को अपनाने में झिझक रहे हैं।