Traffic jam after rain in Delhi
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उत्तर और पश्चिम भारत में बढ़ेगा दबदबा
वाहनों की यह बढ़त पूरे देश में समान नहीं होगी। इस बढ़ोतरी का ज्यादातर हिस्सा उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में देखने को मिलेगा। खास तौर पर उत्तर प्रदेश अकेले ही 2050 तक 9 करोड़ से ज्यादा वाहनों का गवाह बन सकता है।
वहीं दूसरी ओर, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार धीमी होने के कारण वहां वाहन वृद्धि की गति थोड़ी थम सकती है।
दिल्ली, बंगलूरू, पुणे, ठाणे और अहमदाबाद जैसे शहरी और अर्ध-शहरी केंद्र वाहन स्वामित्व के बड़े हब बने रहेंगे। अनुमान है कि सिर्फ ये कुछ शहर ही देश की कुल वाहन संख्या का 10 प्रतिशत हिस्सा हो सकते हैं।
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