यूक्रेन के खिलाफ रूस के लगातार युद्ध के बीच कोरियाई कार निर्माता Hyundai Motor (ह्यूंदै मोटर) जल्द ही रूस से बाहर निकल सकती है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्धा ने इस साल रूस में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ह्यूंदै रूस में अपने कामकाज को पूरी तरह से बंद कर सकती है और देश में अपना मैन्युफेक्चरिंग प्लांट भी बेच सकती है। रॉयटर्स ने एक दक्षिण कोरियाई मीडिया का हवाला दिया, जिसने सूचना के पीछे अज्ञात स्रोतों का हवाला दिया है।
विज्ञापन
2 of 5
Hyundai Car Plant
- फोटो : Hyundai (For Reference Only)
ह्यूंदै मोटर ने इससे पहले इस साल मार्च में रूस में अपने काम-काज को निलंबित किया था, लगभग उसी समय जब रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था। कोरियाई कार निर्माता अगस्त और सितंबर के बीच कोई कार नहीं बेच पाई और नुकसान का सामना कर रही है। ह्यूंदै के लिए, रूस में कारोबार को पूरी तरह से बंद करने के फैसले का कई अन्य कार निर्माताओं के लिए पालन करना आसान होगा ताकि किसी भी और ज्यादा नुकसान से बचा जा सके।
विज्ञापन
3 of 5
Hyundai Car Plant
- फोटो : Hyundai (For Reference Only)
रॉयटर्स के जिस कोरियाई मीडिया का हवाला दिया है उसके मुताबिक, ह्यूंदै 'कामकाज के कठिन माहौल के कारण रूस में अपनी भविष्य की संभावनाओं' का विश्लेषण कर रही है। ह्यूंदै मोटर की रूस में हर साल लगभग 200,000 वाहनों की उत्पादन क्षमता है। देश दुनिया भर में अपने कुल उत्पादन का लगभग चार प्रतिशत योगदान देता है। रूस से बाहर निकलने से ह्यूंदै को भारी नुकसान होगा। विश्लेषकों के अनुसार, ह्यूंदै और किआ को लगभग 315 मिलियन डॉलर (लगभग 2,584 करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है।
4 of 5
Car Plant Russia
- फोटो : For Reference Only
कार निर्माता द्वारा रूस को छोड़ने के प्रमुख कारणों में हाई टेक्नोलॉजी वाले उपकरणों की कमी और रूस के खिलाफ प्रतिबंध हैं, जिसके कारण उत्पादन में भारी कटौती हुई है या काम को रोका गया है। हाल ही में, जापानी कार निर्माता निसान मोटर ने औपचारिक रूप से बाहर निकलने की घोषणा से पहले रूस में अपने प्लांट को औने-पौने दाम पर बेच दिया। रेनो जैसे कई अन्य वाहन निर्माताओं ने रूस छोड़ दिया है क्योंकि मास्को ने इस साल 24 फरवरी को यूक्रेन में सशस्त्र बलों को भेजा था।
पिछले हफ्ते, निसान मोटर ने रूस में कारोबार को सिर्फ 1 यूरो की कीमत पर एक सरकारी कंपनी को सौंपने के अपने फैसला का एलान किया था। जापानी कार निर्माता को रूस से बाहर निकलने पर लगभग 687 मिलियन डॉलर (लगभग 6,535 करोड़ रुपये) का नुकसान होगा, जो हाल के दिनों में रूस से निकलने वाले किसी कार निर्माता द्वारा अदा की गई सबसे महंगी रकम होगी।