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CAFE 3: अब और सख्त होंगे फ्यूल एफिशिएंसी नियम, ह्यूंदै-महिंद्रा ने कड़े ईंधन दक्षता मानदंडों के लिए कसी कमर

Fri, 10 Oct 2025 10:55 AM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत की दो बड़ी वाहन निर्माता कंपनियां महिंद्रा एंड महिंद्रा और ह्यूंदै मोटर इंडिया आने वाले समय में नए ईंधन दक्षता मानकों, यानी कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी (CAFE 3) नियमों को पूरा करने में अपने प्रतिस्पर्धियों से ज्यादा मेहनत करेंगी।
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Mahindra Bolero - फोटो : Mahindra
भारत की दो बड़ी वाहन निर्माता कंपनियां Mahindra & Mahindra (महिंद्रा एंड महिंद्रा) और Hyundai Motor India (ह्यूंदै मोटर इंडिया) आने वाले समय में नए ईंधन दक्षता मानकों, यानी कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी (CAFE 3) नियमों को पूरा करने में अपने प्रतिस्पर्धियों से ज्यादा मेहनत करेंगी। ये नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे और इनमें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन की सीमा को और सख्त किया गया है। अब नया लक्ष्य होगा 88.4 ग्राम प्रति किलोमीटर, जो पहले प्रस्तावित 91.7 ग्राम/किमी से भी कम है और मौजूदा CAFE 2 मानक 113 ग्राम/किमी की तुलना में काफी सख्त है।

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Tata Curvv EV Electric Coupe SUV - फोटो : Tata Motors
टाटा और मारुति के लिए राहत, महिंद्रा-ह्यूंदै के लिए मुश्किल
टाटा मोटर्स और मारुति सुजुकी इंडिया (MSIL) को इन नए नियमों में फायदा मिल सकता है। टाटा के पास इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बड़ी रेंज है, जबकि मारुति का ध्यान छोटे कार सेगमेंट पर है, यानी दोनों को इससे फायदा होगा। वहीं, महिंद्रा और ह्यूंदै के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण रहेगी, खासकर वित्त वर्ष 2029 (FY29) के बाद।

एचएसबीसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, "महिंद्रा को अपने पोर्टफोलियो में 10-15 प्रतिशत ईवी एक्सपोजर चाहिए होगा (अभी यह लगभग 7-8 प्रतिशत है)। वहीं ह्यूंदै को भी 5 प्रतिशत हाइब्रिड और 5-10 प्रतिशत ईवी शेयर हासिल करना होगा, जो फिलहाल लगभग शून्य है।"

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Maruti Suzuki e Vitara - फोटो : Maruti Suzuki
हर साल बढ़ाना होगा इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा
FY29 से कंपनियों को हर साल अपने पोर्टफोलियो में 2-3 प्रतिशत ज्यादा ईवी हिस्सेदारी लानी होगी। यह लक्ष्य महिंद्रा और ह्यूंदै के लिए काफी कठिन रहेगा, जबकि मारुति को थोड़ी राहत मिलेगी। टाटा मोटर्स सबसे बेहतर स्थिति में है क्योंकि उसके पास पहले से ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक कारें हैं।

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Mahindra BE 6 Electric SUV at Auto Expo 2025 - फोटो : Mahindra
महिंद्रा की रणनीति
महिंद्रा, जो फिलहाल भारत की तीसरी सबसे बड़ी ईवी निर्माता कंपनी है, अपने ईवी शेयर को अगले तीन साल में 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 15-25 प्रतिशत करने की योजना पर काम कर रही है। मी़डिया रिपोर्ट के मुताबिक, महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिविजन के सीईओ नलिनीकांत गल्लागुंटा ने कहा, "CAFE 3 ड्राफ्ट पर SIAM और इंडस्ट्री के बीच बातचीत चल रही है। हमें भरोसा है कि हमारे मौजूदा और आने वाले उत्पाद, जैसे Nu.IQ प्लेटफॉर्म, हमें इन नियमों को पूरा करने में मदद करेंगे।"

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हुंडई क्रेटा ईवी - फोटो : अमर उजाला
ह्यूंदै की चुनौती
ह्यूंदै ने अब छोटे कार सेगमेंट से दूरी बना ली है। पहले कंपनी के पास Santro, Eon और i10 जैसी कारें थीं। अभी ह्यूंदै के पास केवल दो ईवी Creta Electric और Ioniq 5 हैं। FADA के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ ह्यूंदै भारत की छठी सबसे बड़ी ईवी निर्माता है, जबकि टाटा मोटर्स और BYD शीर्ष पर हैं।

ह्यूंदै इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "हम भारत के बदलते नियामक परिदृश्य के साथ पूरी तरह तालमेल में हैं। कंपनी ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में आगे बढ़ने के लिए नई तकनीकों और पावरट्रेन समाधानों में निवेश जारी रखेगी।"

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Hyundai Exter - फोटो : Hyundai
क्या है उद्योग की प्रतिक्रिया
एक बड़े ऑटो निर्माता के अधिकारी ने कहा, "CAFE 3 के प्रस्तावित मानक अभी मसौदा के स्तर पर हैं। सरकार ने उद्योग को सुझाव देने का समय दिया है। यह पहली बार है जब CAFE मानक स्टैगर्ड फॉर्म (धीरे-धीरे लागू होने वाले रूप) में लाए जा रहे हैं, लेकिन अभी इन पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।" 

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