हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि हम में से हर कोई गाड़ी चलाते समय गलतियां करने का दोषी है। ड्राइविंग स्कूलों में सीखे गए पाठों में कार चलाने और ट्रैफिक नियमों के बारे में बुनियादी तकनीकी ज्ञान शामिल है। हालांकि, सड़कों पर गाड़ी चलाते समय, हम अक्सर ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं जो ड्राइविंग स्कूलों में नहीं सिखाई जाती हैं। हालांकि ड्राविंग के हुनर को अलग-अलग परिस्थितियों में घंटों और दिनों तक गाड़ी चलाने से निखारा जाता है। फिलहाल, हम आपको छह बुनियादी बातें बताएंगे, जिनसे बचना जरूरी है ताकि बेहतर ड्राइवर बन सकें।
पिछले कुछ महीनों में, देश भर में कई घातक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। जिन्होंने अपनी भीषण प्रकृति और नुकसान की सीमा के कारण सभी को हिलाकर रख दिया है। हाल ही में बंगलुरु के पास एक स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (SUV) में यात्रा कर रहे छह और लोगों की दुर्घटना में मौत हो गई। लगभग एक महीने पहले, देहरादून में एक एमपीवी (MPV) कार से जुड़ी एक दुर्घटना हुई थी जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी। इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं ने कारों के सुरक्षा पहलू पर बहस को जन्म दिया है। हालांकि, कुछ नियम हैं, बहुत बुनियादी लेकिन बहुत महत्वपूर्ण है। जिनका लोगों को कार चलाते समय पालन करना चाहिए।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2022 में लगभग 4,61,000 से 2023 में 4 प्रतिशत बढ़कर 4,80,000 से ज्यादा हो गईं। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें 2022 में लगभग 1,68,000 से 2 प्रतिशत बढ़कर 2023 में 1,72,000 से ज्यादा हो गईं।
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Crash Test
- फोटो : GNCAP
भारत में बिकने वाली हर कार सरकार द्वारा निर्धारित आधिकारिक वाहन सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन करती है। अब, देश का अपना खुद का कार मूल्यांकन कार्यक्रम भी है, जिसका नाम भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP) है। जिसमें कारों को उनके सेफ्टी फीचर्स और तकनीकों के मूल्यांकन के लिए कई क्रैश टेस्ट से गुजरना पड़ता है। जिसके बाद उन्हें उनके सापेक्ष सुरक्षा प्रदर्शन को इंगित करने के लिए स्टार रेटिंग दी जाती हैं।
हालांकि, किसी को यह समझना चाहिए कि क्रैश टेस्ट में हाई सेफ्टी रेटिंग हासिल करने से कार को नुकसान हो ही नहीं सकता।
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Car Driving
- फोटो : iStock
हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि हम में से हर कोई गाड़ी चलाते समय गलतियां करने का दोषी है। ड्राइविंग स्कूलों में सीखे गए पाठों में कार चलाने और ट्रैफिक नियमों के बारे में बुनियादी तकनीकी ज्ञान शामिल है। हालांकि, सड़कों पर गाड़ी चलाते समय, हम अक्सर ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं जो ड्राइविंग स्कूलों में नहीं सिखाई जाती हैं। हालांकि ड्राविंग के हुनर को अलग-अलग परिस्थितियों में घंटों और दिनों तक गाड़ी चलाने से निखारा जाता है।
अनुभव के साथ, हम सीखते हैं कि विभिन्न परिस्थितियों में बेहतर तरीके से कैसे गाड़ी चलानी है। गाड़ी चलाते समय हम जो गलतियां करते हैं, वे वास्तव में हमें उन गलतियों को न दोहराने का सबक देती हैं। चूंकि हम नए साल में प्रवेश करने वाले हैं, तो आइए एक बेहतर ड्राइवर बनने का संकल्प लें।
फिलहाल, हम आपको छह बुनियादी बातें बताएंगे, जिनसे बचना जरूरी है ताकि बेहतर ड्राइवर बन सकें। यह आपको कार चलाते समय खुद को और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखने के लिए करनी चाहिए। हम इन छह नियमों को बुनियादी इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हर कोई इनके बारे में जानता है। लेकिन क्या हर कोई इनका पालन कर रहा है? यही अहम सवाल है।
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Car Seat Belt
- फोटो : Freepik
सीटबेल्ट पहनें
सीटबेल्ट पहनना सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। कार में हर व्यक्ति, चाहे वह आगे की पंक्ति में हो, दूसरी पंक्ति में हो या तीसरी पंक्ति में (जहां भी लागू हो), को सीटबेल्ट पहनना जरूरी है। अगर सभी लोग सीटबेल्ट पहने हुए हैं, तो सड़क दुर्घटना में होने वाली कई मौतों को रोका जा सकता है। याद रखें कि अगर आप दूसरी या तीसरी पंक्ति में हैं और ड्राइवर किसी कारण से जोर से ब्रेक लगाता है। तो अगर आपने सीटबेल्ट नहीं पहना है, तो आप घायल हो सकते हैं। क्योंकि आप आगे की सीट से टकरा सकते हैं।
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Woman on back seat of a car, enjoying ride
- फोटो : iStock
सीट बेल्ट पहनने से सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु का जोखिम 45 प्रतिशत और गंभीर चोट का जोखिम 50 प्रतिशत कम हो जाता है। भारत सहित कई देशों में सीट बेल्ट न पहनना ट्रैफिक कानूनों के खिलाफ है। सीट बेल्ट पहनना न सिर्फ आगे की सीट पर बैठे लोगों के लिए बल्कि पीछे की सीट पर बैठे लोगों के लिए भी अनिवार्य है।
मोटर वाहन अधिनियम में सीट बेल्ट उल्लंघन की गंभीरता पर जोर देने के लिए संशोधन किया गया है। और अब पीछे की सीट पर सीट बेल्ट न पहनने पर जुर्माना लगाया जाएगा। वास्तव में, नई कारों में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर अलर्ट अनिवार्य रूप से आते हैं। जब भी आप कार चलाएं तो सीट बेल्ट पहनना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, अगर आप गैर-चालक के रूप में कार में बैठे हैं, तो सीट बेल्ट पहनें, क्योंकि यह आपकी सुरक्षा को बढ़ाएगा।
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Car Driving
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गति सीमा पार न करें
गति सीमा का अनुपालन करने वाली उचित गति बनाए रखना जरूरी है। बहुत तेज चलने से दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है। जबकि बहुत धीमी गति से चलने से ट्रैफिक का प्रवाह बाधित हो सकता है।
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Car Driving Tips
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सावधानी से ओवरटेक करें
ओवरटेकिंग सावधानी से की जानी चाहिए। सुनिश्चित करें कि सड़क साफ हो और आपके पास सुरक्षित रूप से ओवरटेक करने के लिए पर्याप्त जगह हो। कम विजिबिलिटी (दृश्यता), अंधे मोड़ या रात के समय, कोहरे या भारी बारिश जैसी अन्य खतरनाक स्थितियों वाले क्षेत्रों में ओवरटेकिंग से बचें।
ओवरटेक करने से पहले अपने शीशे और ब्लाइंड स्पॉट की जांच करें और अपने इरादे के बारे में दूसरे ड्राइवरों को सूचित करने के लिए अपने टर्न सिग्नल का इस्तेमाल करें। जिस वाहन को आप ओवरटेक कर रहे हैं, उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अपनी लेन में लौटने से पहले पर्याप्त जगह दें।
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Car Driving Tips
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लेन बदलते समय टर्न इंडिकेटर जलाएं
टर्न सिग्नल का इस्तेमाल दूसरे ड्राइवरों को आपके इरादों के बारे में बताने के लिए जरूरी है। इसमें ओवरटेक करने, लेन बदलने या मुड़ने से पहले सिग्नल देना शामिल है। यह आपकी हरकतों को दूसरे सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए पूर्वानुमानित बनाकर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
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Delhi Traffic
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आगे की गाड़ी से कुछ दूरी बनाए रखें
आगे की गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है। इससे आपको कुछ होने पर प्रतिक्रिया करने के लिए पर्याप्त जगह मिल जाती है, जैसे कि आगे की गाड़ी अचानक रुक जाए। इसे टेलगेटिंग की समस्या कही जाती है। टेलगेटिंग दुनिया भर में कई छोटी और बड़ी सड़क दुर्घटनाओं के पीछे एक प्रमुख कारण है, खासकर भीड़भाड़ वाली ट्रैफिक स्थितियों में। भारत जैसे देश में जहां ट्रैफिक की स्थितियां बहुत विविध और घनी हैं, टेलगेटिंग विनाशकारी हो सकती है।
टेलगेटिंग से आपको ब्रेक लगाने के लिए बहुत कम जगह मिलती है। अगर आपके सामने वाले वाहन को अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत होती है, तो इसकी वजह से आखिरकार आपकी उस वाहन के पीछे से टक्कर होगी। ड्राइविंग का एक अच्छा नियम यह है कि अपने सामने वाले वाहन से कम से कम तीन सेकंड की दूरी बनाए रखें। अगर मौसम या किसी अन्य कारण से विजिबिलिटी खराब है, तो कुछ अतिरिक्त सेकंड या उससे ज्यादा की दूरी बनाए रखने पर विचार करें।
सनरूफ से बाहर न लटकें
भारतीय खरीदारों की सनरूफ वाली कारों को बहुत तेजी से दिलचस्पी बढ़ी है। सनरूफ प्राकृतिक रोशनी को अंदर आने देती हैं और केबिन को विशाल बनाती हैं। हालांकि, सनरूफ या किसी भी खिड़की से बाहर लटकना खतरनाक और विचलित करने वाला हो सकता है। और आमतौर पर ऐसा न करने की सलाह दी जाती है, खासकर बच्चों के मामले में।