भारी उद्योग मंत्रालय ने एलान किया है कि कुछ सेफ्टी टेस्ट (सुरक्षा परीक्षण), जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए किए जाते हैं, भारत में 1 अप्रैल, 2023 से ऑटोमोबाइल के लिए उत्पादन से जुड़े इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत इंसेंटिव का दावा करने के लिए और FAME II (फेम 2) के तहत बेचे जाने वाले ईवी के लिए अनिवार्य हो जाएंगे। ये टेस्ट एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल्स (ACC) के लिए पीएलआई के तहत उत्पादन की जाने वाली बैटरियों पर भी लागू होंगे।
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मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि ये नए परीक्षण इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तीन स्तरों - बैटरी पैक, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बैटरी प्रबंधन प्रणाली) और बैटरी सेल लेवल पर गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। मंत्रालय ने बताया कि इन परीक्षणों को व्यापक रूप से किया जाता है और मानव सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किए जाते हैं। और इस तरह, उपर बताई गई योजनाओं के लिए अनिवार्य बना दिया जाएगा।
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मंत्रालय की अधिसूचना ने इन तीन स्तरों के तहत शुरू किए गए विभिन्न परीक्षणों को सूचीबद्ध किया है। सेल्स के लिए छह नए टेस्ट होंगे, जिनमें इम्पैक्ट टेस्ट (प्रभाव परीक्षण), टेम्परेचर साइक्लिंग, शॉक (झटका), वाइब्रेशन (कंपन), एल्टीट्यूड सिमुलेशन (ऊंचाई अनुकरण) और फायर एक्सपोजर (आग का जोखिम) शामिल हैं। टेम्परेचर साइक्लिंग टेस्ट के तहत, चेंबर के तापमान को बढ़ाने और उच्च तापमान पर रखने के बाद लिथियम-आयन सेल की प्रतिक्रिया देखी जाएगी।
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बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के लिए 11 नए परीक्षण होंगे। इनमें ओवर करंट प्रोटेक्शन, कम्युनिकेशन इंटरफेस, सेल वोल्टेज चेक, करंट सेंसर्स चेक, सेल टेम्परेचर चेक, MOS टेम्परेचर चेक, चार्ज MOS चेक, डिस्चार्ज MOS चेक, पावर रेल चेक, फ्यूज करंट चेक और सेल बैलेंस फंक्शन चेक शामिल हैं।
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बैटरी पैक लेवल टेस्टिंग की बात करें तो मंत्रालय ने 5 नए टेस्ट शुरू किए हैं। इनमें केस स्ट्रेस, ड्रॉप/फ्री फॉल, इमर्शन, क्रश और इंबैलेंस चार्जिंग शामिल हैं। फ्री फॉल टेस्ट यह देखने में मदद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मानक -आईईसी-62133-2 के अनुसार संभावित दुरुपयोग की एक रेंज के तहत लिथियम आयन बैटरी में विस्फोट नहीं हो या आग नहीं पकड़े।
सितंबर में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बैटरी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा आवश्यकताओं को जारी किया था, जो 1 अक्तूबर, 2022 से लागू हो गया है।