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पीएम ई-ड्राइव योजना: सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों के लिए किन नियमों को और सख्त कर दिया है? जानें डिटेल्स

Sat, 05 Sep 2026 02:26 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक ट्रकों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लोकलाइजेशन नियमों को और सख्त कर दिया है। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत अब इलेक्ट्रिक वाहनों के महत्वपूर्ण ट्रैक्शन मोटर और कंट्रोलर कंपोनेंट्स के निर्माण में घरेलू विनिर्माण को अनिवार्य किया गया है।
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Electric Buses and Trucks - फोटो : Amar Ujala
केंद्र सरकार ने 'पीएम ई-ड्राइव' (PM E-DRIVE) योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) और इलेक्ट्रिक ट्रकों (E-Trucks) के लिए घरेलू विनिर्माण से जुड़े मानकों को अधिक कड़ा कर दिया है। भारी उद्योग मंत्रालय ने दो नई अधिसूचनाएं जारी कर 'फेज्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम' (PMP) में संशोधन किया है। 

इस कदम का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रिक-व्हीकल (EV) तकनीकों के आयात पर निर्भरता घटाना और भारत के भीतर ई-ड्राइवट्रेन घटकों के स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देना है। ये नए नियम 'आधिकारिक गजट' में प्रकाशन के साथ ही तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएंगे। 
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Electric Buses - फोटो : EKA Mobility

ई-बसों के लिए लोकल पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग की समयसीमा और शर्तें क्या रखी गई हैं?

एम2 और एम3 श्रेणी की इलेक्ट्रिक बसों के लिए संशोधित PMP नियमों को दो चरणों में लागू करने का प्रावधान किया गया है:
  • 1 सितंबर से लागू नियम: ट्रैक्शन मोटर के स्थानीय निर्माण के तहत रोटर और स्टेटर असेंबली, बेयरिंग, एनक्लोजर, कनेक्टर और केबल फिटमेंट का निर्माण भारत में करना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • 1 अप्रैल 2027 से लागू नियम: इस समय सीमा के बाद मैग्नेट (चुंबक) और शाफ्ट फिटमेंट को भी अनिवार्य रूप से घरेलू विनिर्माण सूची में शामिल कर दिया जाएगा।
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Electric Buses - फोटो : GreenCell Mobility

मोटर कंट्रोलर और इनवर्टर के स्वदेशी निर्माण को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं?

इलेक्ट्रिक वाहनों के मुख्य दिमाग कहे जाने वाले 'ट्रैक्शन मोटर कंट्रोलर' और 'इनवर्टर' के लिए भी सरकार ने गहरे स्वदेशीकरण का खाका तैयार किया है:
  • अप्रैल 2027 से अनिवार्यता: प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) पर इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, सेमीकंडक्टर्स और कनेक्टर्स की असेंबली भारत में ही करनी होगी।
  • अतिरिक्त कंपोनेंट्स: इसके साथ ही हाई-वोल्टेज कनेक्टर, केबल, हीटसिंक, एनक्लोजर फिटमेंट और सॉफ्टवेयर या फर्मवेयर फ्लैशिंग की प्रक्रिया भी घरेलू स्तर पर ही पूरी करनी होगी।
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Electric Trucks - फोटो : AI

एन2 और एन3 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?

ई-बसों की तरह ही N2 और N3 श्रेणी के मध्यम व भारी इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए भी समान नियम विस्तारित किए गए हैं:
  • ट्रैक्शन मोटर नियम: 1 अप्रैल 2027 से ई-ट्रकों के लिए मैग्नेट, रोटर, स्टेटर, शाफ्ट, बेयरिंग, एनक्लोजर, कनेक्टर और केबल फिटमेंट की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग जरूरी होगी।
  • इंटीग्रेटेड सिस्टम्स: इंटीग्रेटेड ट्रैक्शन मोटर और ट्रांसमिशन सिस्टम के मामले में ट्रांसमिशन और ट्रांसमिशन-कंट्रोलर की फिटमेंट भी स्थानीय तौर पर करनी होगी।
  • कंट्रोलर्स और पीसीबी: ई-ट्रकों के मोटर कंट्रोलर्स और इनवर्टर्स के लिए भी पीसीबी पर सेमीकंडक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक घटकों की असेंबली अप्रैल 2027 से अनिवार्य कर दी गई है।
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