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Electric Vehicles: इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लगेगा साउंड अलर्ट सिस्टम, सरकार का नया प्रस्ताव, जानें इसकी अहमियत

Mon, 29 Sep 2025 06:28 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक बड़ा कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है। सरकार चाहती है कि 1 अक्तूबर 2027 से सभी इलेक्ट्रिक कारों, बसों और ट्रकों में साउंड अलर्ट सिस्टम यानी एकॉस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम (AVAS) (एवीएएस) अनिवार्य कर दिया जाए।
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Volkswagen ID.4 Electric Car - फोटो : Volkswagen
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक बड़ा कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है। सरकार चाहती है कि 1 अक्तूबर 2027 से सभी इलेक्ट्रिक कारों, बसों और ट्रकों में साउंड अलर्ट सिस्टम यानी एकॉस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम (AVAS) (एवीएएस) अनिवार्य कर दिया जाए। 

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Tesla Car - फोटो : Tesla
नई गाड़ियों में पहले लागू होगा नियम
मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि अक्तूबर 2026 के बाद बनने वाले इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों और मालवाहक वाहनों के सभी नए मॉडल एवीएएस फीचर से लैस होने चाहिए। यह एक सुरक्षा फीचर है जिसके जरिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक कृत्रिम ध्वनि निकालेंगी, जिससे पैदल चलने वालों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं को उनकी मौजूदगी का पता चल सके।

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Lucid Air - फोटो : Lucid Motors
नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि, "1 अक्तूबर 2026 से सभी नए मॉडल और 1 अक्तूबर 2027 से सभी मौजूदा इलेक्ट्रिक गाड़ियां (कैटेगरी M और N) को AVAS सिस्टम से लैस करना होगा। यह सिस्टम AIS-173 मानक के तहत तय की गई ध्वनि-श्रवण क्षमता (audibility) को पूरा करना चाहिए।"

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Tesla Car - फोटो : Tesla
किन गाड़ियों पर लागू होगा नियम
  • कैटेगरी M: इलेक्ट्रिक कारें और बसें, जो यात्रियों को ले जाने के लिए बनाई जाती हैं।
  • कैटेगरी N: इलेक्ट्रिक ट्रक और मालवाहक गाड़ियां।

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Tata Punch EV - फोटो : Tata Motors
दुनिया में पहले से लागू है यह सिस्टम
अमेरिका, जापान और यूरोपीय संघ के कई देशों ने पहले ही हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में इस तरह का साउंड अलर्ट सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। भारत में भी अब यही कदम उठाने की तैयारी है। ताकि सड़क पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चुपचाप मौजूदगी से होने वाले हादसों को रोका जा सके।

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इलेक्ट्रिक बस - फोटो : संवाद
ई-वाहनों की खामोशी पैदल चलने वालों के लिए खतरा
इलेक्ट्रिक गाड़ियां (ईवी) बहुत शांत चलती हैं, खासकर कम स्पीड पर। इस वजह से पैदल चलने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि ज्यादातर लोग गाड़ियों को उनकी आवाज से पहचानते हैं। भीड़-भाड़ वाले शहरी इलाकों या जेब्रा क्रॉसिंग के पास चलते समय कई बार आपको ईवी आते हुए पता ही नहीं चलता।

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Volkswagen ID.4 Electric Car - फोटो : Volkswagen
रिसर्च क्या कहती है
रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि, पैदल चलने वालों के इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड कार से टकराने की संभावना दोगुनी होती है, बनिस्बत पेट्रोल या डीजल कारों के। शोधकर्ताओं का कहना है कि ईवी की यही शांत प्रकृति इसकी बड़ी वजह है।

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Leapmotor C10 - फोटो : Stellantis
अमेरिका के आंकड़े
अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) की रिपोर्ट में बताया गया है कि हाइब्रिड ईवी से जुड़े पैदल यात्री हादसों में पारंपरिक गाड़ियों के मुकाबले 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एक दूसरे अध्ययन में यह भी सामने आया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों से होने वाली दुर्घटना का दर पेट्रोल गाड़ियों से 35 प्रतिशत ज्यादा है। खासकर जब गाड़ियां धीमी रफ्तार पर चल रही हों।

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Xiaomi SU7 - फोटो : Xiaomi
क्यों जरूरी है सुरक्षा
ये आंकड़े साफ बताते हैं कि जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ट्रैफिक ज्यादा है, वहां पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर अलग से सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। ईवी जितनी फायदेमंद हैं, उतनी ही उनकी खामोशी पैदल यात्रियों के लिए खतरा बन सकती है।

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