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EV: टेस्ला ईवी आयात, स्थानीय कारखाने के लिए भारत के साथ समझौते के करीब, इन राज्यों ने नाम पर चर्चा

Tue, 21 Nov 2023 03:46 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Tesla Model 3 - फोटो : Social Media
भारत सरकार टेस्ला के साथ एक समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है, जो अमेरिकी वाहन निर्माता को अगले साल से अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को देश में आयात करने की अनुमति देगा। साथ ही अगले दो वर्षों में एक स्थानीय कारखाने के लिए मार्ग भी प्रशस्त करेगा। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में आधिकारिक एलान की उम्मीद है। इसके लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने नामों पर चर्चा हो रही है। क्योंकि ये राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों और निर्यात के लिए पहले से स्थापित इकोसिस्टम मौजूद है।
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Tesla Supercharger - फोटो : Social Media
संभावित समझौते के हिस्से के रूप में, टेस्ला से प्लांट के लिए लगभग 2 अरब डॉलर का शुरुआती न्यूनतम निवेश करने की उम्मीद है। जिसमें भारत से ऑटो पार्ट्स की खरीद को 15 अरब डॉलर तक बढ़ाने की योजना है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से खुलासा किया गया कि इसके अलावा, अमेरिकी वाहन निर्माता का लक्ष्य लागत कम करने के लिए भारत के भीतर कुछ बैटरियों का निर्माण करना है।

हालांकि कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है, इन योजनाओं में बदलाव हो सकता है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने पहले जून में कहा था कि कंपनी 2024 में यात्रा की योजना के साथ भारत में "महत्वपूर्ण निवेश" करने का इरादा रखती है।
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Tesla Car Plant - फोटो : Tesla
टेस्ला की 'मेक-इन-इंडिया' योजना
टेस्ला इंक भारत में एंट्री करने की कगार पर है, एक ऐसा देश जो इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग में बढ़ोतरी का एक्सपीरियंस कर रहा है।

टेस्ला इस समय अमेरिका, चीन और जर्मनी में कारखाने चला रही है। स्वच्छ परिवहन की ओर बदलाव में तेजी लाने के लिए ईवी की घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ाने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार सक्रिय रूप से कोशिश कर रही है। ऐसे में टेस्ला की भारत में संभावित एंट्री उसी दिशा में कदम है।

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Tesla Car - फोटो : Tesla
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के प्रयासों के बावजूद, भारत के ईवी बाजार में सीमित बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। जो पिछले साल कुल यात्री वाहन बिक्री का सिर्फ 1.3 प्रतिशत है।

इलेक्ट्रिक कारों की उच्च अग्रिम लागत और अपर्याप्त चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी चुनौतियों ने इस संयमित बढ़ोतरी की वजह हैं।

उच्च आयात शुल्क की वजह से, टेस्ला इस समय भारत में कारों को सीधे आयात करने से बचती है। हालांकि, स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग की संभावना लागत में कमी का वादा करती है। अनुमान से पता चलता है कि स्थानीय रूप से उत्पादित टेस्ला कारों की कीमत संभावित रूप से 20,000 डॉलर (16.5 लाख रुपये) से कम हो सकती है।
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Piyush Goyal Tesla Plant Visit - फोटो : सोशल मीडिया
पीयूष गोयल का टेस्ला प्लांट का दौरा
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में फ्रेमोंट, कैलिफोर्निया में टेस्ला के प्लांट का दौरा किया था। उन्होंने सितंबर में खुलासा किया था कि टेस्ला इस साल भारत से अपने ऑटो पार्ट्स की खरीद को लगभग दोगुना कर 1.9 अरब डॉलर करने की योजना बना रही है।

गौरतलब है कि दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार भारत और टेस्ला के बीच एक साल के लंबे गतिरोध के बाद मई में बातचीत फिर से शुरू हुई। भारतीय बाजार में एंट्री करने के लिए टेस्ला की पिछली बातचीत भारत के उच्च आयात करों और ईवी नीतियों के कारण सफल नहीं हो पाई।
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