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India-EU FTA: टैरिफ कटौती से बाजार तक पहुंच, जानें टू-व्हीलर सेक्टर को कैसे फायदा देगा भारत-ईयू व्यापार समझौता

Wed, 28 Jan 2026 05:35 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उम्मीद है कि इंडिया-ईयू FTA से भारतीय टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बेहतर होगी। इंडस्ट्री के लीडर्स और एनालिस्ट एक्सपोर्ट और टैरिफ फायदों की ओर इशारा कर रहे हैं।
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2025 TVS Ronin - फोटो : TVS Motor
भारत और यूरोपीय संघ (EU) (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) (एफटीए) के पूरा होने के बाद भारतीय टू-व्हीलर उद्योग में निर्यात को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। उद्योग विशेषज्ञों और कंपनियों का मानना है कि इस समझौते से यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी और व्यापार से जुड़ी बाधाएं कम होंगी।

India-EU ट्रेड पैक्ट पर इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
TVS Motor Company (टीवीएस मोटर कंपनी) के चेयरमैन सुदर्शन वेणु ने भी इस ट्रेड पैक्ट के दूरगामी प्रभावों की ओर इशारा किया।

उनका कहना है कि इतने बड़े व्यापार समझौते सिर्फ टैरिफ घटाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि कारोबारी माहौल को बदलते हैं, सप्लाई चेन को मजबूत बनाते हैं। और भारतीय निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के नए अवसर देते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि टीवीएस और Norton (नॉर्टन) जैसे वैश्विक ब्रांड्स के साथ कंपनी यूरोप और अन्य बाजारों में इस समझौते से बनने वाले अवसरों की पहचान और उन्हें भुनाने पर ध्यान दे रही है।

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2025 Hero Karizma XMR 210 - फोटो : Hero MotoCorp
रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
Hero MotoCorp (हीरो मोटोकॉर्प) के सीईओ हर्षवर्धन चिताले ने कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। बल्कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करता है।

उनके अनुसार, यह करार टू-व्हीलर उद्योग को अपने दायरे का विस्तार करने का मौका देगा। और 'मेक इन इंडिया' उत्पादों को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेगा। चिताले ने यह भी कहा कि इस समझौते से रेगुलेटरी सहयोग बढ़ेगा और रिसर्च एंड डेवलपमेंट, इनोवेशन और ग्लोबल वैल्यू चेन के साथ बेहतर जुड़ाव को प्रोत्साहन मिलेगा।

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Royal Enfield Hunter 350 - फोटो : Royal Enfield
कुछ कंपनियों को मिल सकता है सीधा फायदा
विश्लेषकों के मुताबिक, इस समझौते से चुनिंदा टू-व्हीलर निर्माताओं को सीधा लाभ मिल सकता है। बीएनपी परिबास इंडिया के विशलेषक कुमार राकेश का मानना है कि कम आयात शुल्क के चलते Royal Enfield (रॉयल एनफील्ड) को यूरोपीय बाजार में फायदा हो सकता है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025 में रॉयल एनफील्ड के कुल निर्यात में EMEA क्षेत्र की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही। जबकि कंपनी की कुल बिक्री में इसका योगदान सिर्फ 3 प्रतिशत था। इसके अलावा, फिलहाल यूरोपीय संघ को होने वाला निर्यात भारत के कुल टू-व्हीलर निर्यात का करीब 1 प्रतिशत ही है। जिससे साफ है कि बेहतर व्यापार शर्तों के तहत इस सेगमेंट में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश मौजूद है।

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Hero Mavrick 440 - फोटो : Hero MotoCorp
नए निर्यात अध्याय की शुरुआत!
भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय टू-व्हीलर उद्योग के लिए एक नए निर्यात अध्याय की शुरुआत कर सकता है। अगर टैरिफ और रेगुलेटरी अड़चनें कम होती हैं, तो यूरोपीय बाजार भारतीय ब्रांड्स के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकता है। 

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