टोल प्लाजा
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क्यों पड़ सकता है असर
सरकार फिलहाल टोल प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश लाने और मोनेटाइजेशन पर जोर दे रही है। इसलिए उम्मीद है कि टोल ऑपरेटरों को मुआवजा दिया जाएगा। ताकि उनकी आमदनी पर बड़ा असर न पड़े।
हालांकि, मुआवजे की प्रक्रिया में देर हो सकती है और ऑपरेटरों की पेमेंट फंस सकती है। साथ ही, जो लोग शहर से बाहर कम यात्रा करते हैं या टैक्सी ऑपरेटर्स हैं, उन्हें इस पास से खास फायदा नहीं होगा। ऐसे में एनएचएआई पर असर सिर्फ 6-7 प्रतिशत वार्षिक टोल कलेक्शन तक ही सीमित रहेगा।
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