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EV Sales: फेम II खत्म होने से पहले ईवी की बिक्री तोड़ देगी 1.5 लाख यूनिट्स का मासिक रिकॉर्ड!

Sat, 30 Mar 2024 08:26 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Electric Scooter - फोटो : For Reference Only
इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों की बिक्री चालू महीने में लगभग 1.5 लाख यूनिट तक पहुंचने की उम्मीद है। 31 मार्च 2024 को सब्सिडी खत्म होने के कारण, अप्रैल से आगे इसकी रफ्तार धीमी होने की संभावना है। हालांकि, विभिन्न डीलरों और मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) के अनुमानों के मुताबिक, ग्राहक तेजी से डीलरशिप का रुख कर रहे हैं।
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Electric Scooter - फोटो : For Reference Only
आगामी सब्सिडी में कटौती, जो कि प्रति किलोवाट घंटा 10,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति kWh तक होने वाली है। डीलरशिपों पर बिक्री बढ़ा रही है, क्योंकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कीमतों में 5,000 रुपये से 10,000 रुपये और तिपहिया वाहनों की कीमतों में 25,000 रुपये से 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी होने वाली है।

बाजार सूत्रों का मानना है कि इस महीने इलेक्ट्रिक दो और तीन-पहिया वाहनों की संचयी बिक्री 1.5 लाख यूनिट्स को पार करने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री मई 2023 में हासिल किए गए 1 लाख के आंकड़े को पार कर सकती है।
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Electric Three wheeler - फोटो : For Reference Only
भारत में फरवरी 2024 में कुल मिलाकर 1.3 लाख यूनिट्स इलेक्ट्रिक दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों की बिक्री हुई। जिनमें से 82,000 यूनिट्स इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन और लगभग 50,000 यूनिट्स इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहन थे।

सरकार ने ई-रिक्शा और ई-कार्ट के लिए प्रोत्साहन को 10,000 रुपये प्रति kWh या वाहन लागत का 20 प्रतिशत से घटाकर 5,000 रुपये प्रति kWh कर दिया है, जिसकी अधिकतम सीमा 25,000 रुपये है। इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए, प्रोत्साहन को 10,000 रुपये प्रति kWh या वाहन लागत का 20 प्रतिशत से घटाकर 5,000 रुपये प्रति kWh कर दिया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा 50,000 रुपये है।

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Electric Three-wheeler - फोटो : For Reference Only
भविष्य को लेकर अंदेशा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, CRISIL Ratings (क्रिसिल रेटिंग्स) के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी का मानना है कि कम सब्सिडी के कारण इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार में अस्थायी रूप से मंदी आने की संभावना है। हालांकि, मूल उपकरण निर्माताओं से मांग को बढ़ाने के लिए कम लागत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन मॉडल पेश करने की उम्मीद है। हालांकि संभवतः कम रफ्तार और कम फीचर्स के साथ।

क्रिसिल का यह भी अनुमान है कि यह गिरावट दीर्घकालिक दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करेगी। बल्कि अगले वित्तीय वर्ष में कुल मिलाकर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 8-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। यह बढ़ोतरी प्रीमियमकरण की ओर रुझान और एंट्री-लेवल दोपहिया वाहनों की बिक्री में संभावित सुधार से होने की उम्मीद है। 
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Electric Scooter - फोटो : For Reference Only
रेटिंग एजेंसी ICRA (आईसीआरए) ने भी इसी तरह का पूर्वानुमान लगाया है। आईसीआरए के उपाध्यक्ष और सह-समूह प्रमुख, कॉर्पोरेट रेटिंग्स, श्रीकुमार कृष्णमूर्ति के मुताबिक, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की पैठ फिलहाल कम है। हालांकि, भविष्य में इसमें स्वस्थ रफ्तार से सुधार करने की उम्मीद है, जो ग्राहकों की बढ़ती स्वीकृति, ज्यादा उत्पाद लॉन्च की आशा और ओवरऑल ईवी बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे कारकों से समर्थित है।
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