मोटर वाहन उद्योग में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को लेकर कभी एक जबरदस्त उत्साह का मौहाल हुआ करता था। लेकिन 2024 में इसे बिक्री बढ़ोतरी में मंदी का सामना करना पड़ रहा है। जिससे निर्माताओं के बीच रणनीतियों का एक बार फिर से मूल्यांकन किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट में कैनालिस की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि, वैश्विक इलेक्ट्रिक-वाहन बाजार में 27.1 प्रतिशत की अनुमानित बढ़ोतरी दर के साथ इस साल ईवी की बिक्री में कमी आने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर हाल ही में गोल्डमैन सैक्स की एक शोध रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि ईवी बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। जहां हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड वाहन अब ईवी को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। ईवी ग्रोथ के एक प्रमुख गवाह रहे यूरोप ने 2024 की शुरुआत से ही ठहराव के संकेत दिखाए हैं।
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Electric Vehicles
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ईवी की बिक्री में मंदी के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। जिसमें सेकंड हैंड ईवी की कम कीमतों, सरकारी नीतियों की अदूर्शिता और रैपिड चार्जिंग स्टेशनों की कमी के कारण ईवी पूंजीगत लागत के बारे में चिंताएं शामिल हैं। इन वजहों से ग्राहकों की दिलचस्पी हाइब्रिड ईवी और प्लग-इन हाइब्रिड ईवी में हो रही है।
मौजूदा मंदी के बावजूद, बियर-केस परिदृश्य अभी भी 2024 में ईवी की बिक्री की मात्रा में साल-दर-साल 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद करता है। हालांकि, अगर नकारात्मक बढ़ोतरी होती है, तो इसकी वजह से पूरे ईवी सप्लाई चेन में ज्यादा आपूर्ति हो सकती है।
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Electric Vehicles
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गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट बताती है कि आर्थिक व्यवहार्यता के मामले में ईवी एक महत्वपूर्ण मोड़ के करीब हैं। दुनिया भर की सरकारें उन सब्सिडी को कम कर रही हैं, जिन्होंने शुरुआती निवेश को कम कर दिया है। जबकि चीनी निर्माताओं द्वारा आक्रामक मूल्य निर्धारण रणनीतियां और ईंधन बचत भी इसमें योगदान करने वाले कारक है।
हालांकि, यूज्ड ईवी की कीमतों में गिरावट और बैटरी इनोवेश के बारे में चिंता बनी हुई है।
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Electric Vehicles
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हाल ही में बैटरी की कीमतों में गिरावट न सिर्फ तकनीकी प्रगति से बल्कि चीन की ईवी सप्लाई चेन में ज्यादा आपूर्ति से भी प्रभावित हुई है। जैसे-जैसे ईवी की पैठ बढ़ती जा रही है, तेजी से चार्जिंग स्टेशन के बुनियादी ढांचे के मुद्दे ज्यादा साफ होते जा रहे हैं। खासतौर पर निसान और मित्सुबिशी मोटर्स जैसे वाहन निर्माताओं के लिए, जहां ड्राइविंग रेंज और चार्जिंग बुनियादी ढांचे के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।
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EV Charging
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भारत में खासी बढ़ोतरी
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की बिक्री में वैश्विक गिरावट के उलट, भारत में विशेष रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है। सरकार के वाहन पोर्टल डैशबोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि ईवी पंजीकरण में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जनवरी 2024 में 1,44,877 वाहनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जबकि फरवरी में 1,41,382 यूनिट्स के साथ मामूली गिरावट आई। और मार्च के आखिर तक 1,86,143 वाहनों की बिक्री के साथ 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
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Honda City Hybrid
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भारत में यह ट्रेंड गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट के साथ तालमेल बिठाता है। जिसमें सुझाव दिया गया है कि वैश्विक हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (एचईवी) की बिक्री 10-20 लाख वाहनों की उम्मीदों को पार कर सकती है। ऑटोमेकर टोयोटा ने भी पुष्टि की है कि एचईवी की बिक्री गैसोलीन इंजन कारों की तुलना में ज्यादा है। जो एचईवी के आर्थिक लाभों को उजागर करता है, जिसमें ज्यादा मार्जिन, तुलनात्मक रूप से कम पूंजी लागत और यूज्ड कार की कीमतों में मजबूत विश्वास शामिल है।
रिपोर्ट इशारा करती है कि एक एचईवी की अतिरिक्त लागत ईंधन पर बचत और यूज्ड एचईवी के ज्यादा रीसेल वैल्यू से ऑफसेट होती है। हालांकि, रिपोर्ट यह भी कहती है कि अगर ईवी की लागत कम होती रहती है और 2030 तक ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो जाती है, तो ईवी के फायदे एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन सकते हैं।