बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और जलवायु परिवर्तन की चिंता के बीच अब लोग ईको-फ्रेंडली दोपहिया वाहनों की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। लेकिन सही ग्रीन टू-व्हीलर चुनने के लिए सिर्फ कीमत देखना काफी नहीं है। बल्कि कुछ और अहम बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
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Bajaj Chetak 3001 Electric Scooter
- फोटो : Chetak
बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और जलवायु परिवर्तन की चिंता के बीच अब लोग ईको-फ्रेंडली दोपहिया वाहनों की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटर से लेकर हाइब्रिड बाइक तक, ये गाड़ियां न सिर्फ प्रदूषण कम करती हैं बल्कि लंबे समय में पैसों की भी बचत करती हैं। लेकिन सही ग्रीन टू-व्हीलर चुनने के लिए सिर्फ कीमत देखना काफी नहीं है। बल्कि कुछ और अहम बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
Ultraviolette F77 SuperStreet Electric Motorcycle
- फोटो : Ultraviolette
ग्रीन टू-व्हीलर्स के अलग-अलग प्रकार
ईको-फ्रेंडली टू-व्हीलर्स कई तरह के होते हैं। जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर, ई-बाइक और हाइब्रिड मोटरसाइकिल। इलेक्ट्रिक स्कूटर छोटे-छोटे रोजाना के सफर के लिए बेहतर हैं, वहीं हाइब्रिड मॉडल लंबी दूरी के लिए बेहतर साबित होते हैं। क्योंकि इनमें इंजन और बैटरी दोनों का इस्तेमाल होता है। अपने सफर की जरूरतों के हिसाब से किस्म चुनना सबसे पहला कदम है।
बैटरी लाइफ और चार्जिंग सुविधा
ग्रीन टू-व्हीलर चुनते समय सबसे जरूरी चीज है बैटरी। ऐसी गाड़ी लें जिसमें लंबी चलने वाली बैटरी और फास्ट चार्जिंग का ऑप्शन हो। कुछ मॉडल्स में पोर्टेबल बैटरी भी मिलती है, जिसे घर पर आसानी से चार्ज किया जा सकता है। साथ ही यह भी देख लें कि आपके इलाके में चार्जिंग स्टेशन कितनी आसानी से उपलब्ध हैं।
Ultraviolette F77 SuperStreet Electric Motorcycle
- फोटो : Ultraviolette
रेंज यानी एक चार्ज में दूरी
हर इलेक्ट्रिक गाड़ी की एक तय रेंज होती है यानी एक बार चार्ज करने पर कितनी दूर जा सकती है। शहर में रोजाना सफर के लिए 70 से 100 किलोमीटर की रेंज वाली गाड़ियां काफी हैं। लेकिन अगर आपको लंबा सफर करना पड़ता है, तो ज्यादा रेंज वाले मॉडल ही चुनें।
कीमत और सरकारी लाभ
शुरुआत में ईको-फ्रेंडली गाड़ियां थोड़ी महंगी लग सकती हैं, लेकिन ये पेट्रोल और मेंटेनेंस पर अच्छे खासे पैसे बचा देती हैं। सरकार भी कई बार सब्सिडी, टैक्स में छूट और डिस्काउंट देती है। जिससे कीमत और भी कम हो जाती है। खरीदने से पहले इन स्कीम की जानकारी जरूर लें।
Oben Rorr EZ Electric Motorcycle
- फोटो : Oben Electric
परफॉर्मेंस और आराम
ग्रीन टू-व्हीलर का मतलब यह नहीं कि पावर या स्पीड कम हो। आज के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और बाइक्स में स्मूद राइड, दमदार मोटर और अच्छी पिकअप मिलती है। साथ ही सीट का आराम, सस्पेंशन की क्वालिटी और ब्रेकिंग सिस्टम भी देखना जरूरी है।
मेंटेनेंस और सर्विस नेटवर्क
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की देखभाल पेट्रोल गाड़ियों से आसान और सस्ती होती है। फिर भी, यह देखना जरूरी है कि जिस कंपनी की गाड़ी आप ले रहे हैं उसका सर्विस नेटवर्क और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता आपके शहर में है या नहीं।
Ather Rizta Electric Scooter
- फोटो : Ather Energy
पर्यावरण पर असर
सिर्फ आपकी जेब ही नहीं, बल्कि पर्यावरण पर भी ध्यान दें। ऐसी गाड़ी चुनें जिसमें रीसाइकिल होने वाले मटीरियल, बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी और कम उत्सर्जन का इस्तेमाल हो। इससे आपका चुनाव और भी ज्यादा ईको-फ्रेंडली बन जाएगा।
सेफ्टी फीचर्स
सुरक्षा सबसे अहम है। देखें कि गाड़ी में ABS, रीजनरेटिव ब्रेकिंग, LED लाइटिंग और भरोसेमंद ब्रेक सिस्टम जैसे फीचर्स मौजूद हों। ये न सिर्फ सुरक्षा बढ़ाते हैं बल्कि गाड़ी की एफिशिएंसी भी बेहतर करते हैं।
Bajaj Chetak 3001 Electric Scooter
- फोटो : Chetak
अब ट्रेंड नहीं बल्कि जरूरत
ग्रीन टू-व्हीलर्स अब कोई ट्रेंड नहीं बल्कि जरूरत बन चुके हैं। सही बैटरी, रेंज, कीमत, परफॉर्मेंस और सुरक्षा फीचर्स देखकर अगर आप गाड़ी चुनेंगे। तो यह आपके लिए भी फायदेमंद होगा और पर्यावरण के लिए भी। एक ईको-फ्रेंडली टू-व्हीलर खरीदना न सिर्फ पैसों की बचत है। बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ-सुथरे और हरे-भरे शहरों की ओर कदम भी है।