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EV: आपको इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से क्या रोक रहा है? रिपोर्ट में भारत में प्रमुख चुनौतियों का खुलासा

Tue, 10 Dec 2024 05:01 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2023 में, देश में कुल वाहनों की बिक्री में ईवी का हिस्सा लगभग छह प्रतिशत था, जबकि चीन में यह लगभग 30 प्रतिशत और संयुक्त राज्य अमेरिका में 10 प्रतिशत था। तो फिर वह क्या वजह है जो भारतीय ग्राहक को बैटरी से चलने वाली गतिशीलता की दुनिया में जाने से रोक रहा है?
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Electric Car - फोटो : Freepik
भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार में हाल के वर्षों में काफी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन कुल यात्री वाहन बाजार के आकार की तुलना में यह अभी भी छोटा है। वास्तव में, भारत की ईवी क्रांति दोपहिया और तिपहिया वाहनों से हो रही है और बैटरी से चलने वाली कारें शहरी इलाकों तक ही सीमित हैं। 2023 में, देश में कुल वाहनों की बिक्री में ईवी का हिस्सा लगभग छह प्रतिशत था, जबकि चीन में यह लगभग 30 प्रतिशत और संयुक्त राज्य अमेरिका में 10 प्रतिशत था। तो फिर वह क्या वजह है जो भारतीय ग्राहक को बैटरी से चलने वाली गतिशीलता की दुनिया में जाने से रोक रहा है?
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Electric Car - फोटो : Freepik
भारत में अग्रणी ऑडिट, टैक्स और सलाहकार सर्विस फर्म फोर्विस मजार्स द्वारा जारी एक श्वेतपत्र में खुलासा किया गया है कि देश में संभावित ईवी खरीदारों के लिए रेंज की चिंता सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। इस बात पर रोशनी डालते हुए कि फरवरी 2024 तक, देश में सिर्फ 12,146 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन थे। श्वेतपत्र में आगे विस्तार से बताया गया है कि इसका मतलब है कि 135 ईवी के लिए लगभग एक ऐसा चार्जिंग स्टेशन है। चीन में, लगभग 10 ईवी के लिए एक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन है और संयुक्त राज्य अमेरिका में 20 ईवी के लिए एक है।

इस तरह, श्वेतपत्र में इस बात पर रोशनी डाली गई है कि भारत में वर्तमान ईवी मालिकों में से लगभग 90 प्रतिशत अपने वाहनों को चलाने के लिए घरेलू चार्जिंग समाधानों पर निर्भर हैं।
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Tata Punch EV - फोटो : Tata Motors
मैं अपनी ईवी को कहां चार्ज कर सकता हूं?
ईवी को चार्ज करना इंटरनल कंब्शन इंजन से चलने वाले वाहनों की तरह ईंधन रिफिल करने जितना आसान नहीं है। फोर्विस माजर्स द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि सार्वजनिक चार्जर की उपलब्धता एक बड़ा मुद्दा है। लेकिन ऐसे 25 प्रतिशत चार्जर तकनीकी समस्याओं, सीमित ग्रिड कनेक्टिविटी या रखरखाव में देरी के कारण अक्सर डाउनटाइम का अनुभव करते हैं।

इसके अलावा चार्जिंग समय का मुद्दा भी है। श्वेतपत्र में कहा गया है कि भारत में औसत ईवी चार्जिंग समय 90 मिनट से 120 मिनट है। जो वैश्विक औसत 30 मिनट से 60 मिनट से कहीं ज्यादा है।

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MG Windsor Electric Car - फोटो : JSW MG Motor India
भारत ईवी को अपनाने में तेजी कैसे ला सकता है?
दुनिया के तीसरे सबसे बड़े वाहन बाजार के रूप में, भारत ईवी के क्षेत्र में बड़ी और संभावित रूप से बेहतर चीजों के शिखर पर है। टाटा मोटर्स के पास इलेक्ट्रिक कार बाजार का बड़ा हिस्सा है। जबकि महिंद्रा, मारुति सुजुकी, JSW एमजी मोटर, ह्यूंदै, किआ और अन्य प्रतिद्वंद्वी अपनी संबंधित लाइनअप का विस्तार कर रहे हैं।
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Electric Car - फोटो : Freepik
फोर्विस माजर्स के अनुसार, भारत में ईवी को तेजी से अपनाने के लिए मुख्य कारक लंबी दूरी की बैटरी का विकास, ज्यादा किफायती ईवी विकल्प और व्यापक चार्जिंग नेटवर्क जैसे कारक हैं जो सिर्फ शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं हैं। दो और तीन पहिया वाहनों के विशेष मामले में, बैटरी-स्वैपिंग सॉल्यूशंस भी रेंज से संबंधित चिंताओं को कम करने में काफी मददगार हो सकते हैं।
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