Automobile Industry
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कहां पड़ सकता है असर?
कुछ हद तक असर कार चेसिस (इंजन लगे हुए) के निर्यात पर हो सकता है। 2024 में भारत ने अमेरिका को 28.2 मिलियन डॉलर मूल्य के कार चेसिस निर्यात किए थे, जो भारत के वैश्विक 246.9 मिलियन डॉलर के निर्यात का 11.4 प्रतिशत था। हालांकि, इस श्रेणी में भी जोखिम सीमित ही रहेगा।
ऑटो पार्ट्स सेक्टर को मिल सकता है फायदा
सबसे ज्यादा चर्चा ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ बढ़ने को लेकर हो रही है। 2024 में भारत ने अमेरिका को 2.2 अरब डॉलर के ऑटो पार्ट्स निर्यात किए, जो उसके कुल वैश्विक ऑटो पार्ट्स निर्यात का 29.1 प्रतिशत था। पहली नजर में यह चिंताजनक लग सकता है, लेकिन गहराई से देखने पर पता चलता है कि सभी निर्यातक देशों को समान चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
अमेरिका ने 2023 में कुल 89 अरब डॉलर के ऑटो पार्ट्स आयात किए थे। जिसमें मेक्सिको 36 अरब डॉलर, चीन 10.1 अरब डॉलर, और भारत सिर्फ 2.2 अरब डॉलर का योगदान दे रहा था। अब जब 25 प्रतिशत टैरिफ सभी देशों पर लागू होगा, तो प्रतिस्पर्धा के नियम समान हो जाएंगे।
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