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US Tariffs: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से क्या भारत के ऑटो सेक्टर को लगेगा झटका? जानें उद्योग के विशेषज्ञों की राय

Wed, 02 Apr 2025 07:57 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूरी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित किए जाने वाले नए आयात शुल्क (टैरिफ) का इंतजार कर रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, खासकर जब ऑटोमोबाइल सेक्टर पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की तैयारी हो रही है। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि ये नए टैरिफ 2 अप्रैल से लागू हो जाएंगे।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
पूरी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित किए जाने वाले नए आयात शुल्क (टैरिफ) का इंतजार कर रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, खासकर जब ऑटोमोबाइल सेक्टर पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की तैयारी हो रही है। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि ये नए टैरिफ 2 अप्रैल से लागू हो जाएंगे। हालांकि, भारत में ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों पर इसका सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि कोई भी अमेरिकी ऑटो ब्रांड भारत में अपने वाहन निर्माण नहीं करता है और कोई भी भारतीय वाहन निर्माता अमेरिका में बड़े पैमाने पर वाहन निर्यात नहीं करता। लेकिन ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री पर इसका असर जरूर पड़ सकता है। क्योंकि साल 2023 में अमेरिकी बाजार का मूल्य 2.6 अरब डॉलर आंका गया था। क्रिसिल के मुताबिक, भारतीय ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री के लिए अमेरिकी बाजार 27 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है।

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Automobile Industry - फोटो : PTI
भारत पर टैरिफ का असर कैसे होगा?
ट्रंप ने पुष्टि की है कि ऑटो सेक्टर पर 25 प्रतिशत का समान टैरिफ लगाया जाएगा, जिससे भारतीय ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ग वार्नर के ग्लोबल डायरेक्टर, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, चंद्रशेखर कृष्णमूर्ति के अनुसार, इन टैरिफ के कारण वाहन बिक्री में मंदी आ सकती है। उन्होंने कहा, "अमेरिका द्वारा घोषित 25 प्रतिशत टैरिफ का ओईएम (ओरिजनल इक्यूप्मेंट मैन्युफेक्चर्रस) और सप्लायर्स पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। यह वाहन की कीमतों में बढ़ोतरी और मांग में गिरावट ला सकता है। हम अपने ग्राहकों के साथ मिलकर इस स्थिति से निपटने के लिए काम कर रहे हैं।"

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Car Plant - फोटो : Freepik
उद्योग की प्रतिक्रिया
ऑटो सेक्टर ट्रंप प्रशासन द्वारा टैरिफ की विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहा है। कृष्णमूर्ति का कहना है, "इसका असर जरूर महसूस किया जाएगा, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव कितना बड़ा होगा, यह अभी साफ नहीं है। अभी भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां बाकी हैं, जिन्हें स्पष्ट होने में समय लगेगा।"

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Tractor - फोटो : Freepik
विशेषज्ञों की राय
रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग विशेषज्ञ और एवलॉन कंसल्टिंग में पार्टनल शुभब्रत सेनगुप्ता भी इस बात से सहमत हैं। उन्होंने बताया, "कुछ पहलू अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। भारत के ऑटोमोटिव निर्यात में 268 मिलियन डॉलर का योगदान ट्रैक्टर और ट्रैक्टर पार्ट्स से आता है। लेकिन इन पर नए टैरिफ का क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी साफ नहीं हुआ है। प्रमुख निर्यात श्रेणियों में ब्रेक लाइनिंग, गियरबॉक्स, रेडिएटर और एक्सल शामिल हैं। यह लगभग तय है कि गियरबॉक्स और एक्सल पर शुल्क लगेगा, लेकिन अन्य कंपोनेंट्स की स्थिति अभी तय नहीं हुई है।" 

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Car Plant - फोटो : Freepik
आगे क्या है रास्ता?
ऑटो सेक्टर से जुड़े लोग अब इस टैरिफ के विस्तृत डिटेल्स का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपने व्यापारिक रणनीतियों में जरूरी बदलाव कर सकें। भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए यह एक नई चुनौती होगी, जिसके लिए सरकार रणनीति बनाने के लिए सजग है। 

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