अगर आप दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रहते हैं और आपके पास बीएस-4 इंजन वाली डीजल कार है, तो एक अक्तूबर से आप अपनी कार नहीं चला पाएंगे, यदि राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण 450 एक्यूआई को पार कर जाता है तो। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा तैयार की गई एक नई नीति त्योहारी सीजन से पहले लागू हो जाएगी।
अगर आप दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में रहते हैं और आपके पास बीएस-4 इंजन वाली डीजल कार है, तो एक अक्तूबर से आप अपनी कार नहीं चला पाएंगे, यदि राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण 450 एक्यूआई को पार कर जाता है तो। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा तैयार की गई एक नई नीति त्योहारी सीजन से पहले लागू हो जाएगी। यह वह समय होता है जब दिल्ली एनसीआर खेत में पराली जलाने या दिवाली की आतिशबाजी और अन्य कारणों से धुंध की चपेट में रहती है। एक अक्तूबर से लागू होने वाली यह नीति अगले पांच वर्षों में वायु प्रदूषण के खिलाफ अपनी लड़ाई के तहत शहर में डीजल बीएस-4 कारों पर प्रतिबंध लगाएगी।
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Delhi Traffic
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नई योजना बीएस-4 चार पहिया डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाएगी, लेकिन आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छूट मिलेगी। नीति के मुताबिक, "दिल्ली-एनसीआर में राज्य सरकारें स्टेज 3 के तहत बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल हल्के मोटर वाहनों (चार पहिया वाहनों) पर प्रतिबंध लगा सकती हैं।" वायु प्रदूषण के चरण 3 को पर्यावरण और वन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित एक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान द्वारा वर्गीकृत किया गया है, जब एक्यूआई 401 और 450 के बीच रहता है। स्टेज 4 तब होता है जब एक्यूआई 450 के निशान को पार करता है।
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Milk van
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चरण 4 की स्थिति के मामले में, योजना आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वालों को छोड़कर, शहर में ट्रकों, दिल्ली में पंजीकृत डीजल से चलने वाले मध्यम माल वाहनों और भारी माल वाहनों (HGV) के एंट्री पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव देती है।
नीति में यह भी कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर में स्थित ईंधन पंपों को उन वाहनों को ईंधन देने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिनके पास 1 जनवरी, 2023 से वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है। दिल्ली और सभी एनसीआर राज्यों को कहा गया है कि वे लंबी दूरी के ट्रकों और अन्य वाणिज्यिक वाहनों को धीरे-धीरे गैस में स्थानांतरित करने के लिए राजमार्गों के साथ-साथ एनसीआर में एक सीएनजी और एलएनजी ईंधन नेटवर्क बनाने की योजना तैयार करें। राज्य सरकारों को उन वाहनों के लिए स्क्रैपेज नीति लागू करने का भी निर्देश दिया गया है जिनका अब इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।