दिल्ली कैबिनेट ने इस साल जून तक इलेक्ट्रिक वाहन नीति को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। दिल्ली सरकार के एक बयान में कहा गया है कि सभी मौजूदा प्रोत्साहन और सब्सिडी बरकरार रहेंगी। और 1 जनवरी से खरीदा गया किसी भी वाहन को इस ईवी नीति विस्तार के तहत फायदा मिलेगा।
बयान में कहा गया है कि दिल्ली ईवी नीति को 30 जून तक या दिल्ली ईवी नीति 2.0 की अधिसूचना जारी होने तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दिया गया है।
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Electric Car
- फोटो : Pixabay
बयान में कहा गया है कि नीति को बढ़ाने का फैसला शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया था। आगामी दिल्ली ईवी नीति 2.0 में शामिल करने के लिए वर्तमान में विभिन्न हितधारकों की टिप्पणियों और सुझावों पर विचार किया जा रहा है।
दिल्ली परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा, "दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति का विस्तार राजधानी में एक स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए हमारे समर्पण को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दूरदर्शी नेतृत्व में, हम दिल्ली को वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
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EV Charging Stations
- फोटो : For Reference Only
शुरुआती दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति को 7 अगस्त, 2020 को तीन साल की अवधि के लिए अधिसूचित किया गया था। और बाद में इसे 31 दिसंबर, 2023 तक बढ़ा दिया गया था। सरकार अब ईवी नीति 2.0 तैयार करने की प्रक्रिया में है। 24 मई, 2023 को आयोजित एक परामर्श में आम जनता सहित प्रमुख हितधारकों, जिनमें ओईएम, व्यवसाय और सरकारी विभाग शामिल हैं, से प्रतिक्रिया मांगी गई थी।
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Electric three-wheeler
- फोटो : For Reference Only
अगस्त 2020 में लॉन्च होने के बाद से, 1.80 लाख से ज्यादा ईवी पंजीकृत किए गए हैं। जिनमें मुख्य रूप से दोपहिया और तिपहिया वाहन शामिल हैं। दिसंबर 2023 तक औसत वार्षिक ईवी पैठ 2020 में तीन प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो गई है। जो दिसंबर 2023 में 16 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह भारत के किसी भी राज्य में दर्ज की गई अब तक की सबसे ज्यादा मासिक ईवी पैठ है।
नीति के तहत, केजरीवाल सरकार ने विभिन्न ई-वाहन सेगमेंट में कुल 179 करोड़ रुपये से ज्यादा के वित्तीय प्रोत्साहन का वितरण किया है। जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए 64 करोड़ रुपये, तीन-पहिया वाहनों के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का वितरण किया गया है।