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Cyber Security: केंद्र ने भारत में कारों के लिए सुरक्षा प्रणाली का पेश किया मसौदा, होगा साइबर खतरों से बचाव

Tue, 14 Nov 2023 07:17 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Connected Car Technology - फोटो : For Reference Only
भारत में जल्द ही यात्री कारों और वाणिज्यिक वाहनों को साइबर खतरों और डेटा गोपनीयता के उल्लंघन से बचाने के लिए एक यूनिफॉर्म साइबर सिक्युरिटी सिस्टम (समान साइबर सुरक्षा प्रणाली) हो सकती है। केंद्र ने एक मसौदा प्रस्तावित किया है जिसमें कहा गया है कि वाहन निर्माताओं को साइबर सुरक्षा के संबंध में वाहन के टाइप की मंजूरी के लिए आवेदन जमा करने की जरूरी होगी। सार्वजनिक मंच पर राय मांगने के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा मसौदा अधिसूचित किया जाएगा। यह कदम उन रिपोर्टों के बीच आया है कि लोकप्रिय कार ब्रांड में सभी मॉडर्न गैजेट्स और वाहनों में पैक किए गए उपकरणों के साथ डेटा गोपनीयता पर खतरा पैदा हो गया है।
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Hyundai Ioniq 5 Electric Crossover SUV - फोटो : Hyundai
मंत्रालय द्वारा जारी एक मसौदा रिपोर्ट में, सरकार ने कुछ श्रेणियों की कारों और वाणिज्यिक वाहनों के कार्यों को साइबर खतरों से बचाने के लिए एक यूनिफॉर्म साइबर सिक्युरिटी एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CSMS) (समान साइबर सुरक्षा और प्रबंधन प्रणाली) (सीएसएमएस) स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। मसौदा रिपोर्ट में कहा गया है, "14 जुलाई, 2023 को आयोजित ऑटोमोटिव उद्योग मानक समिति (एआईएससी) की 66वीं बैठक में चर्चा के आधार पर, समिति साइबर सुरक्षा और प्रबंधन प्रणाली (सीएसएमएस) से लैस वाहनों के अनुमोदन के लिए एक ऑटोमोटिव उद्योग मानक (एआईएस) तैयार करने पर सहमत हुई। इस मानक का मकसद एम और एन श्रेणियों के मोटर वाहनों में लगे सीएसएमएस के लिए समान प्रावधान बनाना है।
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luxury car interior - फोटो : For Refernce Only
ड्राफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर सुरक्षा प्रणाली वाहन मालिकों की डेटा गोपनीयता की रक्षा करेगी। रिपोर्ट में कहा गया है, "यह गोपनीयता पर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कानून के आवेदन और उनके व्यक्तिगत डेटा की प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण) के संबंध में व्यक्तियों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना है।" कनेक्टेड कारें, जो भारत में ज्यादा लोकप्रियता हासिल कर रही हैं, टेक्नोलॉजी से भरपूर होती हैं। वे न सिर्फ ड्राइविंग से डेटा निकालते हैं, बल्कि वाहन में इंटरटेनमेंट और सैटेलाइट रेडियो या मैप जैसे थर्ड पार्टी फंक्शन को भी ट्रैक करते हैं।

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Tesla Model S Electric car Interior - फोटो : Tesla
कैलिफोर्निया स्थित मोजिला फाउंडेशन द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि कनेक्टेड कार डेटा गोपनीयता के लिए एक बुरा सपना कैसे बन सकती है। अध्ययन से पता चला कि आश्चर्यजनक रूप से 84 प्रतिशत कार ब्रांडों ने यूजर्स के व्यक्तिगत डेटा को सर्विस प्रोवाइडर्स, डेटा ब्रोकरों और अन्य अज्ञात व्यवसायों के साथ साझा करने की बात स्वीकार की। उनमें से ज्यादातर, 76 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने अपने ग्राहकों का डेटा बेचा। और आधे से ज्यादा ने कहा कि वे अनुरोध पर सरकार और कानून प्रवर्तन के साथ डेटा साझा करते हैं। 
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Tesla Model 3 - फोटो : Social Media
इस अध्ययन के अनुसार, इस मामले में टेस्ला की रिकॉर्ड सबसे खराब था। निसान दूसरे स्थान पर आया और यौन गतिविधि सहित डेटा की कुछ "सबसे भयानक श्रेणियों" की खोज करने के लिए चुना गया।
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