मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के लिए एक प्रभावी नीति लाएगी और 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए निजी ऑपरेटरों को शामिल करेगी।
रविवार शाम शिमला में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि नीति पहुंच, सुविधा और रोजगार के अवसरों के निर्माण सहित विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी।
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Tata Nexon EV Charging
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सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के सहयोग से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और राज्य को ई-वाहनों के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इसके अलावा, पहले चरण में छह हरित गलियारे विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों सहित इन गलियारों की कुल लंबाई 2,137 किलोमीटर है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम भी चरणबद्ध तरीके से अपने बेड़े में और ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें शामिल कर रहा है और निगम से नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए रूट की पहचान करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक परिवहन में बदलने से फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
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निर्माण गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भूमि के इस्तेमाल पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौके पर भूमि का वैज्ञानिक अध्ययन करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिये।
उन्होंने अधिकारियों को हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन अमोनिया और बायो गैस संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाशने और पायलट आधार पर प्लांट लागने के लिए 31 अक्तूबर तक एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का भी निर्देश दिया।