भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं और उसके कारण होने वाली मौतों वाले देशों की सूची में सबसे ऊपर है। भारत के मेट्रो शहरों में सभी सड़क दुर्घटनाओं का 78 प्रतिशत हिस्सा होता है।
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भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं और उसके कारण होने वाली मौतों वाले देशों की सूची में सबसे ऊपर है। एको द्वारा जारी दुर्घटना सूचकांक 2024 के अनुसार, भारत के मेट्रो शहरों में सभी सड़क दुर्घटनाओं का 78 प्रतिशत हिस्सा होता है। जिसमें हैदराबाद और दिल्ली एनसीआर सबसे ज्यादा दुर्घटना-ग्रस्त हैं।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद और दिल्ली एनसीआर दुर्घटना चार्ट में सबसे ऊपर हैं। इसके बाद पुणे और बंगलूरू का स्थान है, जहां क्रमशः 15.9 प्रतिशत और 14.2 प्रतिशत दुर्घटनाएं हुई हैं। इन शहरों के भीतर खास तौर पर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में बंगलूरू का बोम्मनहल्ली इलाका शामिल है, जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हुईं। इसके बाद नोएडा, पुणे में मारुंजी और मुंबई में मीरा रोड का स्थान है।
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सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
विशेष रूप से, रिपोर्ट ने इन दुर्घटनाओं में शामिल सबसे आम वाहनों को रेखांकित किया है। सबसे ज्यादा दुर्घटना वाले वाहनों में ह्यूंदै i10 सबसे ऊपर है, उसके बाद मारुति सुजुकी स्विफ्ट और मारुति सुजुकी बलेनो जैसे कुछ लोकप्रिय मॉडल हैं। दो अन्य मॉडल ह्यूंदै i20 और मारुति सुजुकी डिजायर हैं।
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कार दुर्घटनाग्रस्त।
- फोटो : संवाद
ऑटो इंश्योरेंस, एको जनरल इंश्योरेंस के उपाध्यक्ष मयंक गुप्ता ने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों और अंतर्निहित कारणों की पहचान करके, रिपोर्ट का मकसद सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए लक्षित उपायों को लागू करने में नीति निर्माताओं और शहर प्रशासकों की मदद करना है।
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हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन
- फोटो : अमर उजाला
सड़क दुर्घटनाओं के सबसे प्रचलित कारण
पारंपरिक कारकों से परे, रिपोर्ट सड़क दुर्घटनाओं के अन्य कारणों पर भी रोशनी डालती है। सड़क दुर्घटनाओं के ज्यादातर मामलों के लिए आवारा जानवर जिम्मेदार हैं। आवारा कुत्ते ऐसे मामलों में 62 प्रतिशत दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं। उसके बाद गायें हैं, जो 29 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार हैं और फिर भैंसें हैं, जो 4 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार हैं। दिलचस्प बात यह है कि शराब पीकर गाड़ी चलाने की तुलना में नारियल के कारण 2.2 गुना ज्यादा दुर्घटनाएं हुई हैं।
हालांकि, भारतीय सड़कों पर गड्ढे अभी भी एक बड़ा खतरा हैं। इस सूची में बंगलूरू सबसे ऊपर है। जहां गड्ढों से जुड़ी सभी दुर्घटनाओं में से 44.8 प्रतिशत दुर्घटनाएं शहर में होती हैं। दिल्ली और मुंबई क्रमशः 13.3 प्रतिशत और 12.3 प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। यह फिर से बेहतर सड़क सुरक्षा के लिए शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है। प्राकृतिक आपदाओं ने भी वाहनों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। चेन्नई में, सभी बीमा दावों में से 22 प्रतिशत चक्रवात मिचांग के कारण आई बाढ़ के कारण थे।