डीजल की कार खरीदने पर माइलेज अच्छा मिलता है। पेट्रोल कार खरीदने पर पावर ज्यादा मिलती है। अधिकतर ग्राहक इसी असमंजस में रहते हैं कि डीजल कार खरीदें या पेट्रोल। दरअसल डीजल हो या पेट्रोल, कार कोई भी खराब नहीं होती। दोनों ही कारों के अपने-अपने फायदे और नुकसान होते हैं। आज हम यही बताने वाले हैं कि कौन सी कार आपके लिए बेहतर ऑप्शन होगी।
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Fuel
1. किसी भी कार का डीजल मॉडल उसके पेट्रोल मॉडल से महंगा होता है। 10 लाख रुपए के भीतर आने वाली कारों के डीजल मॉडल पेट्रोल वर्जन के मुकाबले 1-1.5 लाख रुपए महंगे होते हैं। उदाहरण के तौर पर स्विफ्ट ZXi (पेट्रोल) और स्विफ्ट ZDi (डीजल) के ऑन रोड प्राइज में करीब 1.28 लाख रुपए का खर्च है।
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2. डीजल कार इसलिए खरीदी जाती है ताकि माइलेज अच्छा मिले और पैसों की बचत हो। अब मान लीजिए दोनों ही गाड़ियां (पेट्रोल और डीजल) हर महीने 1000 किमी चलाई जाती हैं। अब गाड़ियों के एवरेज और ईंधन की कीमत की तुलना की जाए तो पेट्रोल गाड़ी का खर्च औसतन डीजल गाड़ी से 1000 रुपए ज्यादा बैठता है। ऐसे में आपको 1-1.5 लाख रुपए का अंतर पूरा करने में 7-8 साल लग जाएंगे।
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नई कार खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें
डीजल कार खरीदें-
अगर आप 1500-2000 किमी/महीने या 50-70 किमी/दिन चलाते हैं।
अगर पेट्रोल और डीजल मॉडल में 50-60000 से ज्यादा का अंतर ना हो।
अगर कार को टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करना हो।
अगर कार को 8-10 साल तक चलाने के इरादे से ले रहे हैं।
पेट्रोल कार खरीदें-
अगर हर महीने 1500 किमी और प्रतिदिन 50 किमी. से कम का सफर करते हैं।
पेट्रोल और डीजल मॉडल में 1 लाख या उससे ज्यादा का अंतर हो।
अगर आप छोटे शहर में रहते हैं जहां कम दूरी का सफर करना पड़ता हो।