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BYD: भारत-चीन तनाव के बीच बीवाईडी भारत में दूर से चला रहा है कारोबार, क्या है इसके मायने?

Mon, 28 Jul 2025 07:05 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

BYD को भारतीय ऑटो उद्योग में उदासीनता का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए भारत और चीन के बीच भू-राजनीतिक तनाव को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
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BYD Sealion 7 - फोटो : BYD
चीनी इलेक्ट्रिक कार निर्माता BYD (बीवाईडी) ने भले ही भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अपनी जगह बना ली हो। लेकिन कंपनी को अब भारत में कामकाज चलाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है भारत-चीन के बीच 2020 से चल रहा भू-राजनीतिक तनाव, जिसके चलते बीवाईडी समेत कई चीनी कंपनियों को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए वीजा नहीं मिल पा रहे हैं। इससे उनकी भारतीय इकाई का संचालन प्रभावित हो रहा है।

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2025 BYD Seal - फोटो : Amar Sharma
वीजा न मिलने के कारण विदेशों से हो रही बैठक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीवाईडी के शीर्ष अधिकारियों को भारत में मीटिंग करने में परेशानी हो रही है। इसलिए उन्होंने श्रीलंका के कोलंबो, नेपाल के काठमांडू और सिंगापुर जैसे देशों में जाकर बोर्ड मीटिंग और बिजनेस चर्चा करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में बताया गया कि बीवाईडी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर केत्सू झांग को भी वर्क परमिट नहीं मिल रहा है। वे पहले चेन्नई स्थित दफ्तर से काम करते थे, फिर 2021 में उन्हें वापस चीन के शेन्जेन लौटना पड़ा। और अब वो टोक्यो से काम संभाल रहे हैं।

रिपोर्ट यह भी कहती है कि ऐसे मामलों में सशरीर मौजूदगी यानी भारत में ग्राउंड पर रहकर काम करना बहुत जरूरी होता है। ताकि उत्पादकता से जुड़े फैसले जल्दी लिए जा सकें, स्थानीय टीमों से जुड़ाव बना रहे और जरूरी बदलाव समय पर किए जा सकें।

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2025 BYD Atto 3 - फोटो : BYD
ग्राहकों के बीच पसंदीदा फिर भी भारत में विस्तार पर रोक
बीवाईडी की कारें भारत में लोगों को पसंद आ रही हैं। 2025 की पहली छमाही में कंपनी ने 2024 की कुल बिक्री के करीब यूनिट्स बेच दी हैं। इसके बावजूद भारत में बीवाईडी का ऑपरेशनल एक्सपेंशन अटका हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय अधिकारी साफ कर चुके हैं कि वे बीवाईडी से निवेश स्वीकार नहीं करेंगे। खुद केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 2025 की शुरुआत में कहा था कि राष्ट्र की रणनीतिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीवाईडी को "ना" कह दिया गया है।

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BYD Sealion 7 - फोटो : BYD India
1 अरब डॉलर वाला प्लांट प्रपोजल हुआ खारिज
बीवाईडी का भारत में एक स्थानीय कंपनी के साथ मिलकर 1 अरब डॉलर का प्लांट बनाने का प्लान भी खारिज कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब बीवाईडी उन कंपनियों की लिस्ट में नहीं आएगी जो स्थानीय निर्माण करके आयात पर कम टैरिफ पाने की पात्रता रखती हैं।

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BYD Sealion 7 - फोटो : BYD
टेस्ला को मिल रहा समर्थन, भले ही मैन्युफैक्चरिंग प्लान न हो
बीवाईडी की स्थिति अमेरिकी कंपनी टेस्ला से बिल्कुल अलग है। इस साल की शुरुआत में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। टेस्ला ने 15 जुलाई 2025 को भारत में अपने पहले शोरूम खोले हैं, और अगस्त से डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है।

दिलचस्प बात यह है कि टेस्ला की अभी तक स्थानीय उत्पादन शुरू करने की कोई ठोस योजना नहीं है। फिर भी कंपनी को भारत में एंट्री और विस्तार की मंजूरी मिल गई है। हालांकि, इसकी वजह से उसे पूरी तरह बनी कारों पर 110 प्रतिशत तक का इम्पोर्ट टैक्स भी देना पड़ रहा है। 

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