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Car Loans: आरबीआई के रेपो रेट कट पर ऑटो इंडस्ट्री क्या कहती है, क्या कार लोन अब और सस्ते होंगे?

Sat, 07 Jun 2025 02:30 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 6 जून को रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 5.5 प्रतिशत कर दिया। और इसका सीधा फायदा लोन लेने वालों को मिलने की उम्मीद है। 
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Automobile Industry - फोटो : PTI
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 6 जून को रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 5.5 प्रतिशत कर दिया। रेपो रेट वो ब्याज दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। इस साल फरवरी और अप्रैल में भी आरबीआई दो बार रेपो रेट घटा चुका है। अब तक कुल मिलाकर 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती हो चुकी है। इससे बैंकों के लिए सस्ते दरों पर लोन देना आसान हुआ है, और इसका सीधा फायदा लोन लेने वालों को मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में कार और टू-व्हीलर लोन की ब्याज दरें कम हो सकती हैं, जिससे ईएमआई में भी राहत मिलेगी।

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Auto Sales - फोटो : Adobe Stock
ACMA का बयान: MSME को मिलेगी राहत
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) ने आरबीआई के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन की अध्यक्ष श्रद्धा सूरी मारवाह ने कहा कि रेपो रेट में कटौती और कैश रिजर्व रेशियो (CRR)(सीआरआर) में ढील से ऑटो सेक्टर को मजबूती मिलेगी। खासकर MSMEs यानी छोटे और मझोले उद्योगों को अपने कामकाजी पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल घरेलू मांग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत के ऑटो पार्ट्स उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी बनी रहेगी।

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Automobile Industry - फोटो : PTI
Hyundai India: ग्राहकों की जेब पर कम दबाव
Hyundai Motor India (ह्यूंदै मोटर इंडिया) के सीओओ तरुण गर्ग ने आरबीआई के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बैंकिंग सिस्टम में तरलता बढ़ेगी, ग्राहकों की मासिक किस्तें घटेंगी और समग्र रूप से उपभोग बढ़ेगा। उनका मानना है कि यह कदम भारत की आर्थिक रिकवरी को और तेज करेगा।

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Mahindra XUV700 - फोटो : Mahindra
Mahindra Group: निवेश और मांग को मिलेगा बढ़ावा
महिंद्रा ग्रुप के सीईओ अनिश शाह ने कहा कि आरबीआई का यह कदम दिखाता है कि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत है और सेंट्रल बैंक आने वाले विकास को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में यह कमी ऑटोमोबाइल्स, हाउसिंग और MSME जैसे सेक्टर्स में निवेश और खपत को बढ़ावा देगी। इससे लोन लेना सस्ता होगा, तरलता बढ़ेगी और भारत की मैन्युफैक्चरिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रफ्तार मिलेगी।

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Renault Kiger - फोटो : Renault
Renault India: गाड़ियों की फाइनेंसिंग होगी आसान
Renault India (रेनो इंडिया) के सीईओ वेंकटराम ममिल्लापल्ले का मानना है कि रेपो रेट और सीआरआर में कटौती से बैंकिंग सिस्टम में करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता आएगी। इससे लोन की ब्याज दरें और नीचे जा सकती हैं। खासतौर पर एंट्री और मिड-लेवल सेगमेंट में गाड़ियों की फाइनेंसिंग ज्यादा सुलभ होगी। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई दर के 3.7 प्रतिशत तक घटने का अनुमान है, जिससे लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी। आने वाला त्योहारों का सीजन और पहले से बेहतर निजी खपत इस सेक्टर को नई ऊंचाई दे सकते हैं।

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Auto Sales - फोटो : Adobe Stock
Hinduja Leyland Finance: कमर्शियल व्हीकल सेक्टर को संजीवनी
Hinduja Leyland Finance (हिंदूजा लेलैंड फाइनेंस) के एमडी और सीईओ सचिन पिल्लै ने कहा कि कमर्शियल व्हीकल फाइनेंस सेक्टर के लिए यह रेपो रेट कट सही समय पर आया है। छोटे ट्रांसपोर्टर्स और ग्रामीण उद्यमियों से जुड़ी मांग में सुधार देखा जा रहा है। अब सस्ते लोन देकर हम इस मांग को और बढ़ा सकते हैं। साथ ही, माल ढुलाई और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में तेजी से भारी और हल्के कमर्शियल वाहनों की मांग और बढ़ने की उम्मीद है।

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Auto Sales - फोटो : Adobe Stock
EMI में राहत और डिमांड में उछाल की उम्मीद
कुल मिलाकर आरबीआई के इस रेट कट से ऑटो इंडस्ट्री को मजबूती मिलने जा रही है। गाड़ियों के लोन सस्ते होंगे, ईएमआई घटेगी और ग्राहक खर्च करने को लेकर अधिक आश्वस्त होंगे। इससे आने वाले महीनों में ऑटो सेक्टर में मांग बढ़ने की पूरी संभावना है। 

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