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क्या आप भी हैं ‘SUV’ को लेकर इन 10 गलतफहमियों के शिकार, जरूर पढ़ें ये खबर

Mon, 29 Apr 2019 03:51 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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Toyota Rush SUV Launch India
देश में इन दिनों एसयूवी गाड़ियों का खुमार है। यंगस्टर्स एसयूवी के लिए पागल हैं। एसयूवी कारों के पीछे इस पागलपन के पीछे कई वजह हैं, जैसे ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस, दमदार इंजन और ज्यादा केबिन स्पेस। इसके अलावा और भी कई वजह हैं, जो एसयूवी को पॉपुलर बना रही हैं। वहीं लोगों में एसयूवी को लेकर कुछ गलतफहमियां भी हैं। जानते हैं एसयूवी को लेकर क्या हैं लोगों की 10 गलतफहमियां...
 
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किसी भी तरह तरह की सड़क पर चल सकती है एसयूवी

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Jeep Wrangler 4WD
दमदार इंजन होने के बावजूद जरूरी नहीं है कि एसयूवी किसी भी तरह के सरफेस पर चल सकती हैं। केवल फोर व्हील ड्राइव सिस्टम वाली एसयूवी ही ऑफ रोड चल सकती हैं, जहां रेगुलर कारों को चलाने के बारे में सोच भी नहीं सकते। वहीं ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब 4WD वाली महिन्द्रा स्कॉर्पियो और टोयोटा फॉर्च्यूनर ऑफ रोड में फंस गई और उन्हें निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे मामले में 4WD गाड़ी के साथ ड्राइवर स्किल भी जरूरी होते हैं।

वहीं कुछ लोग रेनो डस्टर और महिन्द्रा एक्सयूवी 500 को ऑफ रोड रेडी एसयूवी समझ लेते हैं, क्योंकि इनमें AWD (ऑल व्हील ड्राइव टेक्नोलॉजी) होती है। वहीं AWD और 4WD में जमीन आसमान का अंतर होता है।
 
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सभी बड़ी गाड़ियां एसयूवी!

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Crossover SUV
ये लोगों में बड़ी गलतफहमी होती है कि सभी बड़ी सी दिखने वाली गाड़ियां एसयूवी होती हैं। एसयूवी का मतलब होता है स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल। इसका मतलब यह है कि इन गाड़ियों में 4WD फोर व्हील ड्राइव सिस्टम लगा होता है और ये ऑफरोड भी परफॉर्म करती हैं। लेकिन कार कंपनियां किसी भी बड़ी और ऊंची कार के लिए एसयूवी शब्द को इस्तेमाल कर लेती हैं। जिन गाड़ियों में 4WD सिस्टम नहीं होता, उन्हें क्रॉसओवर कहा जाता है। वहीं भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में अच्छे ग्राउंड क्लीयरेंस और बड़ी गाड़ी को एसयूवी कहा जाता है। यहां तक कि कई कार निर्माता कंपनियां अब हैचबैक क्रासओवर एसयूवी बनाने लगी हैं, जिनकी ‘अर्बन एसयूवी’ बता कर मार्केटिंग की जा रही है। ह्यूंदै क्रेटा, मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा यहां तक कि टाटा हैरियर, ये सभी रेगुलर कारें हैं जिनकी बॉडी एसयूवी जैसी बनाई गई है।
 

धीमी होती हैं एसयूवी!

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Bentley Bentayga Speed-1
एसयूवी को लेकर ये एक गलत धारणा है। हालांकि पुरानी एसयूवी धीमी होती थीं, यहां तक कि सेडान और दूसरी हैचबैक रफ्तार में ज्यादा तेज होती थीं। इसकी वजह थी कम पावरफुल इंजन और ज्यादा वजन। लेकिन नए जमाने की एसयूवी के साथ ऐसा नहीं है। नई एसयूवी में पावरफुल इंजन और एडवांस टेक्नोलॉजी आने से वे पहले से ज्यादा चुस्त और दुरुस्त हैं। दुनिया की सबसे तेज रफ्तार एसयूवी बेंतले बेंताग्या स्पीड की टॉप स्पीड 306 किमी प्रति घंटा है और 0 से 100 किमी की रफ्तार पकड़ने में मात्र 3 सेकेंड लगते हैं। वहीं लैंबोर्गिनी उर्स की रफ्तार 305 किमी प्रति घंटा है।  
 
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ज्यादा तेल पीती हैं

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SUV Mileage
यह आम गलत धारणा है कि एसयूवी कम माइलेज देती है। इन न्यू जेनरेशनन एसयूवी के साथ ऐसा नहीं है। अगर आप सही एसयूवी चुनते हैं, तो आपको तेल के खर्च को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। Volvo XC90 T8 इसका जबरदस्त उदाहरण है। यह एसयूवी 407 बीएचपी की पावर देती है, लेकिन इसका माइलेज 57 किमी प्रति लीटर है। वहीं फोर्ड एंडेवर जैसी एसयूवी 14.2 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देती है।  
 
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एसयूवी चलाने में दिक्कत होती है

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Hard SUV
लोग सोचते हैं कि बड़ी एसयूवी चलाने में एक्सपर्टाइज चाहिए, लेकिन ऐसा कतई नहीं है। मॉडर्न टेक्नोलॉजी और इंजन वाली एसयूवी ड्राइव करने में आसान होती हैं। यहां तक कि टोयोटा फॉर्च्यूर और फोर्ड एंडेवर जैसी एसयूवी को सेडान हैचबैक की तरह चुटकियों में ड्राइव किया जा सकता है। वहीं जिन लोगों ने पहली कभी एसयूवी नहीं चलाई हैं, वे भी बड़ी आसानी से ड्राइव कर लेते हैं। इसके अलावा रिअर कैमरा और पार्किंग सेंसर आने से इन्हें पार्क करना भी आसान हो गया है।
 
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‘मजबूत’ होती हैं एसयूवी

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Mahindra Scorpio Global NCAP crash test
अक्सर लोग सोचते हैं कि अपने बड़े लुक के चलते एसयूवी मस्कुलर और मजूबत होती हैं। लेकिन ऐसा कतई नहीं हैं। एक हैवी एसयूवी को लेकर उम्मीद जताई जाती है कि किसी भी हादसे के दौरान अंदर बैठा व्यक्ति सुरक्षित रहे। लेकिन यह सच नहीं है। इसका उदाहरण है महिन्द्रा स्कॉर्पियो को NCAP सेफ्टी रेटिंग्स में 0 स्कोर मिला था, वहीं इसके बॉडी स्ट्रक्चर असंतुलित बताया गया था।   
 

आरामदायक होती हैं एसयूवी

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Toyota Fortuner seats
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि एसयूवी काफी आरामदायक होती हैं। ये सही हैं कि उनमें ज्यादा झटके नहीं लगते, लेकिन घुमावदार सड़कों पर ये सिरदर्द बन जाती हैं। इसकी वजह है कि हाई ग्राउंड क्लीयरेंस होने से सीटें ज्यादा ऊंची हो जाती हैं, जिसका परिणाम होता है कि एसयूवी में गुरुत्वाकर्षण का उच्च केंद्र बनता है। जिसका नुकसान ये होता है कि लंबे घुमावदार रास्तों पर बार-बार बॉडी रोल होती है, जिससे थकान होती है। पीछे बैठने वाले लोग इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं। पहाड़ी रास्तों पर एसयूवी ज्यादा आरामदायक नहीं होती हैं। वहीं अभी तक एसयूवी में ड्राइविंग मोड्स नहीं आए हैं, जिससे सस्पेंशन ऑटोमैटिकली रोड के हिसाब से एडजस्ट हो जाएं।
 

एसयूवी का मतलब डीजल गाड़ी

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2019 Ford Endeavour Facelift launch - Diffused Silver
कई लोग एसयूवी इसलिए पसंद नहीं करते क्योंकि उनका मानना होता है कि एसयूवी केवल डीजल में ही आती हैं। हालांकि यह सही है कि पेट्रोल इंजन के मुकाबले डीजल इंजन इतने स्मूद नहीं होते हैं। वहीं यह सोचना भी गलत है कि सभी एसयूवी में डीजल इंजन होता है। कई एसयूवी पेट्रोल इंजन के साथ लांच हो रही हैं, लेकिन माइलेज कम होने के चलते वे इतनी पॉपुलर नहीं हैं। हाल ही में टोयोटा फॉर्च्यूनर 2.7 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ लांच हुई है, जो 164 बीएचपी का पावर और 245 एनएम का पीक टॉर्क मिलता है।
 

ज्यादा मेंटिनेंस कॉस्ट

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2019 Toyota Innova Fortuner
आमजन का सोचना है कि एसयूवी की मेंटिनेंस कॉस्ट ज्यादा होती है, लेकिन यह गलत है। इन दिनों आ रही एसयूवी की मेंटिनेंस करना आसान होता है। हालांकि कुछ एसयूवी ऐसी हैं, जिन्हें मेनटेन करना मुश्किल होता है। वहीं अब कई कार निर्माता कंपनियां कोशिश कर रही हैं कि इनका कम से कम बिल आए। इसका उदाहरण है कि हाल ही में फोर्ड ने एंडेवर को लेकर दावा किया है कि 60 हजार किमी तक इसकी रनिंग कॉस्ट जिसमें लेबर कॉस्ट, सर्विसिंग और पार्ट्स शामिल हैं, खर्च 50 हजार से कम आएगा।  
 
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बड़े टायर और ऊंची सीटें अच्छी हैं!

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SUV Roll Over
कुछ लोग एसयूवी को लेकर ये सोचते हैं कि बड़े टायर और ऊंची सीटें होने का फायदा है। हालांकि यह एसयूवी की बिक्री के लिए मार्केटिंग टेक्टिक तो हो सकती है। लेकिन असलियत में यह बेहद खतरनाक है। एसयूवी में ऊंची सीटें और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस होने से गाड़ी के वजन का केन्द्र ग्राउंड से दूर हो जाता है और इससे गुरुत्वाकर्षण बल कमजोर पड़ जाता है। जिससे उसके पलटने की संभावना बढ़ जाती है। इसी वजह से तेज रफ्तार में एसयूवी मोड़ना घातक साबित हो सकता है।        
 
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