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...जब सांसद महुआ मोइत्रा ने जेपी नड्डा के ड्राइवर को पढ़ाया अनुशासन का पाठ, पढ़ें क्या थी वजह

Wed, 04 Dec 2019 04:54 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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JP Nadda and Mahua Moitra - फोटो : AmarUjala
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संसद में अपने पहले ही भाषण से चर्चा में आईं तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर चर्चा में हैं। जेपी मॉर्गन से इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर अपना करियर शुरू करने वाली महुआ ने न्यूयॉर्क और लंदन में कुछ सालों तक नौकरी की और वाइस प्रेसिडेंट के पद तक पहुंच गईं। वहीं हाल ही में उन्होंने संसद भवन में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा के ड्राइवर को अनुशासन का पाठ पढ़ाया।

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संसद के गेट पास थीं महुआ

दरअसल इन दिनों संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है और इस दौरान कई बिल पेश किए जा रहे हैं। वहीं मंगलवार को महुआ मोइत्रा संसद भवन में पत्रकारों से कुछ जरूरी चर्चा कर रही थीं। वहीं उनकी कार भी संसद भवन के गेट के पास खड़ी थी। तभी उनके पीछे भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा अपनी कार से पहुंच गए।
 

ड्राइवर ने बजाया हॉर्न

नड्डा की कार चला रहे ड्राइवर ने आगे निकलने के लिए कार का हॉर्न बजाना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने कई बार हॉर्न बजाया। वहीं महुआ पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थी और हार्न से उनकी बातचीत में खलल पड़ रहा था। इस पर महुआ को गुस्सा आ गया और वे अपनी कार से उतर कर सीधे नड्डा की कार की तरफ बढ़ीं और उनके ड्राइवर को अनुशासन की नसीहत देते हुए कहा कि संसद के अंदर हॉर्न बजाने की अनुमति नहीं है।
 

नियम का उल्लंघन

वहीं संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में भी बेवजह हॉर्न बजाना महंगा पड़ सकता है। आमतौर पर लोग स्कूल, अस्पताल के आसपास तेजी से हॉर्न बजाते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में संवेदनशील स्थानों पर हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इसका उल्लंघन करने पर कड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है।
 

10 हजार रुपये तक जुर्माना

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं कुळ लोग अपनी गाड़ियों में तेज आवाज वाले और गोली की आवाज, कुत्ते के भौंकने और बच्चे के रोने जैसी आवाजों वाले हॉर्न लगा लेते हैं। एक्ट में इन पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रेशर या पॉवर हॉर्न लगाने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है तथा 3 माह की जेल तथा 3 माह के लिए लाइसेंस निरस्त भी हो सकता है।
 
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ध्वनि प्रदूषण का भी मामला

इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण का मामला भी बन सकता है। एनजीटी के आदेश के मुताबिक तेज आवाज में हॉर्न बजाने, स्पीकर बजाने या संगीत बजाने पर नियम 2000 लागू होगा। जिसके तहत अस्पताल, शैक्षिक संस्था, न्यायालय, धार्मिक स्थलों के चारों ओर 100 मीटर के क्षेत्र में तेज आवाज करना भारी पड़ सकता है। एनजीटी ने दिन में 50 डेसीबल और रात में 40 डेसीबल की सीमा निर्धारित की है। वहीं इसका उल्लंघन करने पर 6000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
 
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