Royal Enfield Sales July 2021 : परफॉर्मेंस बाइक बनाने के लिए मशहूर देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Royal Enfield (रॉयल एनफील्ड) ने जुलाई के महीने में अपने वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी ने रविवार को बताया कि उसने जुलाई के महीने में कुल 44,038 मोटरसाइकिलों की बिक्री की, जो 2020 में जुलाई के महीने में हुई बिक्री से लगभग नौ फीसदी ज्यादा है। रॉयल एनफील्ड की जुलाई के महीने में हुई कुल बिक्री में से, घरेलू बाजार में 39,290 यूनिट्स बेची गईं, जबकि 4,748 यूनिट्स का निर्यात किया गया।
भारतीय दोपहिया वाहन उद्योग 2020 में कोविड-19 महामारी की पहली लहर के बाद अब सामान्य स्थिति में लौट रहा है। लेकिन इस साल की शुरुआत में कोरोना की दूसरी लहर ने वाहन उद्योग की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में महामारी फैलने के कारण इस साल स्कूटर और मोटरसाइकिल की बिक्री खास तौर से प्रभावित हुई है।
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Royal Enfield
- फोटो : Royal Enfield
जुलाई के बिक्री के आंकड़ों से रॉयल एनफील्ड को खुशी मिली होगी, क्योंकि कंपनी को बिक्री के पटरी पर लौटने की उम्मीद जगी है। यह खासतौर पर इसलिए भी है क्योंकि कंपनी ने इस वर्ष के जून में वर्ष 2020 के समान महीने में बिक्री में दो फीसदी की गिरावट दर्ज की थी।
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Royal Enfield Bullet
- फोटो : Royal Enfield
रॉयल एनफील्ड के लिए 350cc सेगमेंट मजबूत प्रदर्शन करने वाला बना हुआ है। इस सेगमेंट में बिक्री 36,384 यूनिट्स से बढ़कर 37,556 यूनिट्स हो गई, यानी बिक्री में 3 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस सेगमेंट में रॉयल एनफील्ड Classic (क्लासिक), Meteor (मीटियोर), Bullet (बुलेट) और Electra (इलेक्ट्रा) जैसे मॉडल पेश करती है।
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Royal Enfield 650 Twins
- फोटो : For Reference Only
वहीं, 350cc से ऊपर के सेगमेंट में बिक्री 3,950 यूनिट से बढ़कर 6,482 यूनिट हो गई। इसमें बिक्री में ढाई हजार से ज्यादा यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। इस सेगमेंट में रॉयल एनफील्ड 650 Twins (650 ट्विन्स) और Himalayan (हिमालयन) जैसे मॉडल की बिक्री करती है।
Royal Enfield Himalayan 2020
- फोटो : royal enfield
हालांकि, साल-दर-साल की तुलनाएं सिर्फ संदर्भ के लिए हो सकती हैं, क्योंकि कोरोना की दोनों लहरों में महामारी की वजह से लगने वाले प्रतिबंधों थोड़ा फर्क रहा है। एक अच्छे मानसून और आनेवाले फेस्टिव सीजन की वजह से बाजार की धारणा बड़े पैमाने पर सकारात्मक दृष्टिकोण की ओर झुक रही है। हालांकि कोविड-19 की तीसरी लहर का खतरा एक चुनौती बना हुआ है।