इस नियम को तोड़ने पर पुलिस एक कोर्ट चालान जारी करेगी जिसमें कोर्ट पर निर्भर होगा कि वो उस गाड़ी का क्या करेगा। इस नियम को तोड़ने पर जुर्माना करीब 15,000 रुपयं का है। इस पूरी प्रक्रिया में नियम तोड़ने पर कोर्ट गाड़ी के मालिक से एक एफिडेविट साइन कराएगी। जिस पर यह साफ शब्दो में लिखा होगा कि इस गाड़ी को दोबारा दिल्ली में न लाया जाए। वरना गाड़ी जब्त हो जाएगी।
इस कवायद के लिए दिल्ली पुलिस और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा दिल्ली के RTOs को पुरानी गाड़ियों को NOC जारी न करने की नसीहत दी गई है। जिससे इस तरह की गाड़ी को दिल्ली में न बेचा जाए। इस पूरी प्रक्रिया के पीछे शहर के वातावरण को पुरानी गाड़ियों के प्रदूषण से सुरक्षित रखना है। बता दें, NGT ने सार्वजनिक इलाकों में 15 साल से पुरानी गाड़ियों को पार्क करने पर भी बैन लगा दिया है।