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एनएचएआई ने FASTag एप को किया अपेडट, अब फास्टैग का बैलेंस स्टेटस चेक कर सकेंगे वाहन चालक

Mon, 28 Dec 2020 09:36 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Fastag - फोटो : For Representation Only
राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन (नगद भुगतान की सुविधा) एक जनवरी 2021 से खत्म हो रही है। यानी नए साल से देशभर में सभी चार पहिया वाहनों के लिए FASTag (फास्टैग) लगाना अनिवार्य होने जा रहा है। वाहनों में FASTag लग जाने पर यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पार करने वाले वाहन FASTag भुगतान के नकद भुगतान की बजाए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का इस्तेमाल करें। गौरतलब है कि फास्टैग सभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल के भुगतान के लिए RFID (रेडियो फ्रिक्वेंसी पहचान तकनीक) का इस्तेमाल करता है। जिसके जरिए आपके फास्टैग खाते से पैसे कट जाते हैं। वाहन चालकों की सहूलियत के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फास्टैग में एक नया फीचर शामिल किया है। अब हर टोल नाके पर फास्टैग से पैसे कटने के बाद वाहन मालिक को अपने फास्टैग में बची बकाया राशि की जानकारी मिल सकेगी। 
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फास्टैग - फोटो : For Representation Only
एनएचएआई ने बयान जारी कर कहा, "हर वाहन में एक जनवरी 2021 से फास्टैग अनिवार्य हो रहा है, इसलिए इस बदलाव के सुचारू क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण ने फास्टैग एप को ‘चेक बैलेंस स्टेटस’ फीचर के साथ अपडेट किया है। फास्टैग में कितना बैलेंस बाकी है, इसे जानने के लिए यूजर को एप में वाहन संख्या डालनी होगी।" 

एनएचएआई के बयान के मुताबिक यह नया फीचर हाइवे से गुजरने वालों वाहन चालकों के साथ-साथ टोल नाके के कर्मचारी के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। दोनों ही यूजर रियल टाइम बेसिस पर फास्टैग का बैलेंस स्टेटस चेक कर सकेंगे और इसे लेकर होने वाले विवाद दूर हो सकेंगे। बयान में कहा गया कि नया फीचर इसलिए लाया गया है ताकि टोल प्लाजा पर यूजर टोल राशि का भुगतान फास्टैग के जरिए हो सके और वाहन चालकों की वेटिंग टाइम कम हो सके। इससे न सिर्फ समय और ईंधन की बचत होगी बल्कि वाहन बिना रुकावट के जल्द निकल सकेंगे। 
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Fastag RFID CHIP - फोटो : For Representation Only
रिफ्रेश टाइम लिमिट हुई कम
एनएचएआई ने बताया है कि इसके साथ ही उन्होंने ब्लैकलिस्टेड टैग्स की रिफ्रेश टाइम लिमिट भी घटा दी है। इस समय सीमा को मौजूदा 10 मिनट से कम कर के 3 मिनट तक कर दिया गया है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम में स्टेटस के तेजी से अपडेट करना है जिससे एप में नया स्टेटस तेजी से दिखाई दे। 

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Fastag - फोटो : For Representation Only
कलर कोड्स में दिखेगा स्टेटस
My FASTag App (माई फास्टैग एप) फास्टैग वॉलेट बैलेंस के स्टेटस को कलर कोड्स में दर्शाता है। पर्याप्त बैलेंस के साथ एक्टिव टैग के लिए ग्रीन कलर कोड, कम बैलेंस वाले टैग्स के लिए ऑरेंज/अंबेर कलर कोड और ब्लैकलिस्टेड टैग्स के लिए रेड कलर कोड निर्धारित किया गया है। ऑरेंज स्टेटस के मामले में वाहन चालक फास्टैग को मोबाइल एप से तुरंत रिचार्ज कर सकता है या फिर टोल प्लाजा में मौजूद प्वॉइंट ऑफ सेल पर इंस्टैंट रिचार्ज सुविधा का लाभ उठा सकता है। पूरे देश में टोल प्लाजा पर 26 बैंकों के साथ साझेदारी में 40000 प्वॉइंट ऑफ सेल लगाए गए हैं। 
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FasTag - फोटो : For Representation Only
फास्टैग से टोल कलेक्शन बढ़ा
फास्टैग से टोल कलेक्शन में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। 24 दिसंबर को पूरे देशभर में FASTag का बंपर ट्रांजेक्शन हुआ। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बताया कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम के तहत यह पहली बार था जब एक दिन में FASTag से 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का टोल कलेक्शन हुआ। 24 दिसंबर 2020 को एक दिन में 50 लाख से ज्यादा का FASTag ट्रांजेक्शन हुआ। बता दें कि अब तक 2.20 करोड़ से ज्यादा FASTag आवंटित किए गए हैं। जानकारों के मुताबिक कोविड-19 के कारण लोग कॉन्टैक्ट लेस ट्रांजेक्शन को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, क्योंकि इसके इस्तेमाल से टोल प्लाजा पर कोविड-19 के फैलने की संभावना भी कम होती है। 
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