Mahindra
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2 अक्टूबर 1945 को बनी कंपनी
2 अक्टूबर 1945 को महिंद्रा एंड मोहम्मद के रूप में कंपनी की स्थापना हुई थी। कंपनी को महिंद्रा भाइयों और गुलाम मोहम्मद की साझेदारी में शुरू किया गया था। लेकिन साल 1948 में गुलाम मोहम्मद पाकिस्तान में वित्तमंत्री बनने चले गए, जिसके बाद कंपनी का नाम बदलकर महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (एम एंड एम) कर दिया गया।
1954 में जीप से शुरू हुई कहानी
आपको जान कर हैरानी होगी कि 2 अक्टूबर 1945 को महिंद्रा एंड महिंद्रा की स्थापना एक स्टील ट्रेडिंग कंपनी के रूप में हुई थी। इसके नौ साल बाद यानी की 1954 में महिंद्रा ने भारत में जीप जैसी गाड़ियों को बनाने के लिए Willys Overland Corporation के साथ हाथ मिलाया।
महिंद्रा ब्रांड का उदय
भारत में ट्रैक्टर बनाने के लिए साल 1963 में इंटरनेशनल ट्रैक्टर कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (आईटीसीआई) के साथ एक संयुक्त उद्यम के रूप में महिंद्रा, इंटरनेशनल हार्वेस्टर इंक (अब यह न्यू हॉलैंड का हिस्सा है) और वोल्टास लिमिटेड शामिल हुए। साल 1977 में, आईटीसीआई का महिंद्रा में विलय हो गया और यह कंपनी का ट्रैक्टर डिविजन बन गया। इसके बाद कंपनी ने डीजल इंजन और ट्रांसमिशन को बनाने के लिए 1979 में Peugeot के साथ तकनीकी साझेदारी की। वहीं, ट्रांसमिशन एसेंबली को बनाने के लिए महिंद्रा ने 1982 में किया मोटर्स (KIA Motors) के साथ साझेदारी की। साल 1982 में, अंतरराष्ट्रीय हार्वेस्टर ब्रांड (International Harvester brand) बंद हो गया और यहां से उदय हुआ Mahindra ब्रांड का।