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15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों को कबाड़ में भेजा जाएगा, जानें बड़ी बातें

Mon, 29 Jul 2019 12:09 PM IST
Bani Kalra ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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scrapping of vehicles - फोटो : Social
अगर आपके भी पास कोई 15 साल से ज्यादा पुराना वाहन है तो यह खबर आपके लिए है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम संशोधनों के अनुसार अब हर 6 महीने में वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र को नवीनीकृत करना होगा। भारत में जो वाहन 15 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं उन पर कड़ी पाबंदी लगाने की कवायद हो रही है। क्योकिं ऐसे वाहन काफी ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं।
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इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा  

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प्रदूषण - फोटो : Social
सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रहीं है। और इसके लिए काफी काम भीं किया जा रहा है। ताकि हमारा आने वाला भविष्य साफ़-सुथरा हो। सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव किया है और इसके तहत देश में जो भी वाहन 15 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं उन वाहनों उपयोग न करके उन्हें कबाड़ में भेजने का प्रावधान किया गया है।
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कितना होगा शुल्क

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15 years old vehicles scrap - फोटो : Social
इस नए प्रस्ताव के तहत 15 साल पुराने वाहनों की जांच करने और इसका प्रमाणपत्र नवीनीकृत करने के शुल्क को भी बढ़ा दिया है। मीडियम और हैवी मोटर वाहन श्रेणी के तहत नये प्रमाणपत्र के लिए मैनुअल वाहनों के लिए ठीक-ठाक जांच शुल्क 1,200 रुपये है जबकि ऑटोमैटिक वाहनों के लिए 2,000 रुपये शुल्क रखा गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण प्रमाणपत्र के नवीनीकरण छूट दी जाएगी। इसके अलाव मीडियम और हैवी सेगमेंट में नए वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क 20,000 रुपये रखने और नवीनीकरण के लिए 40,000 रुपये तय करने का भी प्रस्ताव है।याद रहे प्रमाणपत्र एक अधिकृत एजेंसी या केंद्र द्वारा जारी होना चाहिये।
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