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कार टिप्सः चलाते हैं CNG या LPG वाली कार, तो रखें इन बातों का ख्याल

Tue, 12 Mar 2019 02:49 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमऱ उजाला
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CNG CYlender
गर्मियां आते ही कारों में आग लगने के मामले बढ़ जाते हैं। खासतौर पर उन कारों में जिनमें अल्टरनेटिव फ्यूल के तौर पर सीएनजी और एलपीजी लगी होती है। सीएनजी या एलपीजी लगे होने के जितने फायदे हैं, उतने खतरे भी हैं। सीएनजी-एलपीजी से माइलेज तो जबरदस्त मिलता ही है, वहीं कारों का एक्जॉस्ट वॉल्व भी जल्दी खराब होता है। हम बता रहे हैं कुछ टिप्स बारे में, जो आपकी मदद कर सकते हैं...
 
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पर्यावरण सेफ होती हैं सीएनजी-एलपीजी कारें

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प्रतीकात्मक चित्र - फोटो : Midday
पिछले रविवार को दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास एक चलती हुई डेटसन कार में आग लग गई, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। जांच में पता चला कि कार में सीएनजी लगी थी, सीएनजी लीकेज को हादसे की वजह माना जा रहा है। लोग सीएनजी या एलपीजी कारें को पेट्रोल बचाने के लिए खरीदना पसंद करते हैं। वहीं ग्रीन फ्यूल होने के चलते ये पर्यावरण के लिए कम हानिकारक है। लेकिन ग्रीन फ्यूल वाली कारों में आग लगने की प्रमुख वजह लापरवाही ही होती है, जिसका खामियाजा जानोमाल गंवा कर भुगतना पड़ता है। जानते हैं क्या हैं आग लगने की प्रमुख वजहें...
 
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बाद में सीएनजी-एलपीजी किट लगाने से बचें

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2019 wagon r cng-1
कार खरीदने के बाद कई लोग कार की ऑरिजनल वारंटी खत्म होने के बाद उसमें सीएनजी या एलपीजी लगवाते हैं। क्योंकि पहले लगवाने से गाड़ी की वारंटी खत्म होती है। बाहर से एलपीजी या सीएनजी सिलेंडर फिट कराना कई बार मुसिबत भरा साबित हो सकता है। अनाधिकृत डीलरों से किट फिट कराने पर लीकेज की शिकायत हो सकती है। वहीं अनाधिकृत डीलर कंपनी के स्टैंडर्ड के मुताबिक फिटिंग नहीं करते हैं, जिससे कई बार दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।

इसका उपाय यह है कि कार खरीदे से पहले ही फैसला कर लें कि आपको सीएनजी-एलपीजी कार लेनी है या केवल पेट्रोल कार लेनी है। इसकी वजह है कि अगर कंपनी फिटेड लेते हैं, तो उसमें वारंटी मिलती है और कंपनी गाड़ी की जरूरत के हिसाब से किट फिट करती है, कंपनी फिटिंग और मैकेनिक फिटिंग में अंतर होता है। इसलिए चाहे कुछ पैसे एक्ट्रा देने पड़ें, लेकिन कंपनी फिटेड किट को ही प्राथमिकता दें।
 

बाहर से एसेसरीज न लगवाएं

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car repair
बाहर से एसेसरीज लगवाना भी कई बार दिक्कत पैदा कर सकता है। शोरूम में एसेसरीज महंगी मिलती हैं, पैसे बचाने के चक्कर में बाजार से एसेसरीज खरीद कर कार में फिट कराते हैं। वहीं फिटिंग के दौरान मैकेनिक कई तारें काट देते हैं और उन्हें खुला छोड़ देते हैं, या फिर घटिया टेप लगाते हैं, जिससे हमेशा शार्ट सर्किट की संभावना बनी रहती है।

कोशिश करें कि बाहर से एसेसरीज न लगवाएं, क्योंकि ज्यादातर एसेसरीज चाइनीज होती हैं और उनकी वोल्टेज कई बार मैच नहीं कर पातीं, जिससे उनके फुंकने का डर होता है। अगर बाहर से लगवानी ही पड़ें, तो ब्रांडेड एसेसरीज को ही प्राथमिकता दें। इसके अलावा कार बेवजह की एक्सेसरीज़ से कार की बैटरी पर ज्यादा लोड पड़ता है।
 
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कार की सर्विस न कराना

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CNG mechanic - फोटो : DNA
अक्सर लोग कार की फ्री सर्विस खत्म होने के बाद बाहर के मैकेनिकों से सर्विस कराते हैं, जो सीएनजी या एलपीजी किट लगी गाड़ियों की ठीक से सर्विसिंग नहीं करते। बाहर के अप्रशिक्षित मैकेनिक सर्विस करने में लापरवाही बरतते हैं, यहां तक कि उनके पास वे औजार या उपकरण भी नहीं होते, जो कंपनी में होते हैं, जिसके चलते उन हिस्सों की सर्विस ही नहीं हो पाती है और जिसकी वजह से गाड़ी में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।
 
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किट की सर्विस

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CNG KIT SERVICE
किसी भी हालत में तय सीमा (200) के प्रेशर से अधिक सीएनजी गैस न भराएं। इसके अलावा की हर दो-तीन साल में सिलेंडर समेत सर्विस होती है, इसके लिए कंपनी से संपर्क करें। कई बार ओवर फ्यूलिंग और पुर्जे घिसने से भी सीएनजी गैस लीक हो सकती है। वहीं, सड़क हादसे के बाद भी गाड़ी में आग लगने की आशंका रहती है। किट की सर्विस कराने के बाद सिलेंडर टेस्ट सर्टिफिकेट जरूर हासिल करें। गाड़ी में जैसे ही लीकेज की बदबू या गंध महसूस हो, पहले तो कार को सीएनजी से हटा कर पेट्रोल पर लाएं और तुरंत मैकेनिक पास लेकर जाएं।
 
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गाड़ी में न करें स्मोकिंग

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Smoking in car : image only for representation

कई बार गाड़ी के अंदर बैठ कर सिगरेट पीना नुकसानदायक साबित हो सकता है। खासतौर पर सीएनजी या एलपीजी गाड़ी अगर है, तो स्मोकिंग न करें। इसके अलावा लंबे वक्त तक हीटर चलाना भी जोखिम भरा साबित हो सकता है। इसकी वजह है कि सीएनजी में 540 डिग्री सेल्सियस का इग्निशन तापमान होता है, जो हर लिहाज से खतरनाक साबित हो सकता है। 

कार में जरूर रखें ये सामान:

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car hammer-1
कार के डेशबोर्ड में एक हथोड़ा या मल्टीपर्पज हैमर साथ रखें। आजकल 200 से 400 रुपये में ये उपकरण मिल जाता है, जिसमें बेल्ट कटर के साथ इमरजेंसी लाइट भी होती है। हथौड़े की मदद से आप कार के शीशे को तोड़कर बाहर निकल सकते हैं।
 

कैंची या बेल्ट कटर

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car sealt belt cutter
कैंची या बेल्ट कटर - अगर कार आग लगने की स्थिति में अकसर सीट बेल्ट जाम हो जाती है, तो ऐसे में कैंची या बेल्ट कटर की मदद से सीट बेल्ट काट सकते हैं और वक्त रहते कार के बाहर निकल सकते हैं।
 
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अग्निशामक

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Car fire extenguisher
अग्निशामक : कार में आग लगने के हालात में छोटा सा अग्निशामक यंत्र आपकी मदद कर सकता है। आग लगने पर पानी से बुझाने की कोशिश ना करें, इससे शॉर्ट सर्किट की संभावना और बढ़ जाती है। अग्निशामक यंत्र को सीट के नीचे रखें, आगे शीशे के पास लगाने से वह गर्मियों के दौरान फट सकता है।
 
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