Car wear and tear
वहीं कार के ग्लोव बॉक्स, डोर फ्रेम या विंड स्क्रीन पर अगली सर्विस की डेडलाइन का स्टीकर भी लगा होता है, जिसे देख कर पता लगाया जा सकता है। वहीं उसमें सर्विस स्टेशन के नंबर का फोटो जरूर ले लें और फोन करके पूछ लें। इसके अलावा 1 लाख किमी चल चुकी कारों के पार्ट्स पर इस्तेमाल के निशान होते हैं, जैसे स्टीयरिंग व्हील, ब्रैक, क्लच पेडल, टायर, नोब, सीट कुशनों को देख कर कार कितनी चली हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को खुलवा कर भी देख सकत हैं कि चिप के साथ छेड़छाड़ की गई है या नहीं।