5-स्टार सेफ्टी रेटिंग को लोग गाड़ी की सुरक्षा की गारंटी मानते हैं, लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। कुछ खास परिस्थितियों में ये कारें भी एक्सीडेंट के दौरान आपकी जान नहीं बचा पातीं।
ज्यादातर लोग मानते हैं कि 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कारें सबसे सुरक्षित होती हैं, लेकिन एक्सीडेंट की स्थिति में सिर्फ रेटिंग ही नहीं, कई और फैक्टर भी अहम भूमिका निभाते हैं। दरअसल, ये रेटिंग सीमित स्थितियों में किए गए टेस्ट पर आधारित होती है। ऐसे में कई बार असल सड़क हादसों में सेफ्टी फीचर्स भी फेल हो जाते हैं। आइए जानते किछ ऐसे हालातों के बारे में जब एक 5-स्टार कार भी आपकी जान नहीं बचा सकती।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 6
तेज रफ्तार में टक्कर
- फोटो : AI
तेज रफ्तार में टक्कर
क्रैश टेस्ट आमतौर पर 64 किमी/घंटा की स्पीड पर किए जाते हैं, जबकि असली सड़क पर हादसे 80, 100, 120 किमी/घंटा या इससे भी अधिक स्पीड पर हो सकते हैं। इतनी स्पीड में कार पूरी तरह जैमेज हो जाती है और ऐसे में एयरबैग और क्रंपल जोन भी आपकी रक्षा नहीं कर पाते।
विज्ञापन
3 of 6
सीट बेल्ट
- फोटो : FREEPIK
बिना सीट बेल्ट के बढ़ता है खतरा
अगर ड्राइवर या पैसेंजर ने सीट बेल्ट नहीं लगाई है, या गलत तरीके से लगाई है, तो एयरबैग खुलने पर भी गंभीर चोट लग सकती है या जान जा सकती है।
4 of 6
साइड और रियर इंपैक्ट
- फोटो : BNCAP
साइड और रियर इंपैक्ट
कई कारों की सेफ्टी सिर्फ फ्रंट क्रैश तक सीमित होती है। अगर टक्कर साइड या पीछे से होती है, तो नुकसान ज्यादा हो सकता है, खासकर अगर साइड एयरबैग न हों।
विज्ञापन
5 of 6
ओवरलोडिंग
- फोटो : AI
ओवरलोडिंग भी बन सकती है जानलेवा
जब कार में तय क्षमता से ज्यादा लोग या वजन होता है, तो ब्रेकिंग और बैलेंसिंग सिस्टम पर असर पड़ता है। ऐसे में एक्सीडेंट के दौरान सेफ्टी फीचर्स का असर कम हो जाता है।
रोलओवर होने से भी जान को खतरा
टायर फटने की स्थिति में कार के पलटने का खतरा रहता है। इस स्थिति में अगर गाड़ी में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) जैसे फीचर नहीं हैं, तो जान को गंभीर खतरा हो सकता है। साथ ही, अगर समय पर सर्विसिंग नहीं की गई हो, तो एयरबैग या ब्रेकिंग सिस्टम भी फेल होने से भी कार पलट सकती है।