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Amarnath Yatra: जुलाई में इस तारीख से कर सकेंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, जानें अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व

Sun, 01 Jun 2025 07:12 AM IST
शिखर बरनवाल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत के सबसे पवित्र तीर्थों में से एक, श्री अमरनाथ धाम की वार्षिक यात्रा जुलाई 2025 से शुरू होगी। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लाखों भक्त बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए इस लेख में इसकी तारीख और धार्मिक महत्व के बारे में जानते हैं।
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अमरनाथ यात्रा - फोटो : Adobe Stock
Amarnath yatra 2025: सनातन धर्म के सबसे पवित्र और रहस्यमयी तीर्थस्थलों में से एक, श्री अमरनाथ धाम की वार्षिक यात्रा के लिए तिथियों की घोषणा हो चुकी है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लाखों शिव भक्तों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। इस वर्ष, अमरनाथ यात्रा 2025 की शुरुआत 3 जुलाई से होने वाली है, जो 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के पावन दिन तक चलेगी। यह यात्रा पूरे 38 दिनों तक चलेगी, जिसमें भक्तगण गुफा में स्वयं निर्मित होने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। यह यात्रा केवल एक शारीरिक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक अनुभव है, जो ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टियों से विशेष महत्व रखती है।

अमरनाथ यात्रा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमरनाथ गुफा वह स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई थी। इसी दौरान कबूतर के एक जोड़े ने यह कथा सुन ली और वे अमर हो गए। यही कारण है कि आज भी इस गुफा में भक्तों को कबूतरों का जोड़ा दिखाई देता है।
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अमरनाथ यात्रा - फोटो : Adobe Stock
श्रावण मास और शिव योग
यह यात्रा मुख्य रूप से श्रावण मास में संपन्न होती है, जो भगवान शिव को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रावण मास में शिव की पूजा और यात्रा करने से कुंडली में अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है, विशेषकर शनि, राहु और केतु जैसे ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है। शिव योग, जो कई ज्योतिषीय संयोजनों से बनता है, इस यात्रा के दौरान विशेष रूप से सक्रिय होता है, जिससे किए गए धार्मिक कार्य कई गुना फलदायी होते हैं।
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अमरनाथ यात्रा - फोटो : Adobe Stock
कर्मों का शोधन
बता दें कि अमरनाथ यात्रा का मार्ग अत्यंत दुर्गम है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दुर्गम यात्रा को पूरा करना व्यक्ति के पूर्व और वर्तमान के कर्मों का शोधन करता है। ज्योतिष में, कर्मों का संबंध शनि ग्रह से होता है। यह यात्रा शनि के अशुभ प्रभाव को कम करके व्यक्ति को कर्मफल के सकारात्मक परिणाम दिलाने में सहायक होती है।

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अमरनाथ यात्रा - फोटो : Adobe Stock
मोक्ष की प्राप्ति
यह माना जाता है कि अमरनाथ गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता का रहस्य सुनाया था। इस पवित्र स्थल के दर्शन से व्यक्ति जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति पाकर मोक्ष की ओर अग्रसर होता है। ज्योतिषीय दृष्टि से, यह आध्यात्मिक उन्नति और आत्मा की शुद्धि का प्रतीक है, जो व्यक्ति को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक ले जाता है।

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अमरनाथ यात्रा - फोटो : Adobe Stock
मनोकामना पूर्ति
भक्तगण अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन करते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर इच्छा पूर्ण होती है। गुफा के अंदर प्राकृतिक रूप से बर्फ से बनने वाला शिवलिंग किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह प्रकृति और दिव्य शक्ति के अद्भुत संगम का प्रतीक है, जो भक्तों में गहन आस्था जगाता है।


 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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