जब भाई पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठता है, तो वह सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को प्राप्त करता है.
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पूर्व दिशा को क्यों माना गया है शुभ?
पूर्व दिशा को सूर्योदय की दिशा माना जाता है। सूर्य, जीवन शक्ति, नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इसी दिशा से दिन की शुरुआत होती है, जो विकास, उजाला और आशा का संकेत देती है। जब भाई पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठता है, तो वह सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को प्राप्त करता है, और बहन द्वारा बांधी गई राखी के साथ उसकी रक्षा और कल्याण के संकल्प और भी शक्तिशाली बन जाते हैं।
धार्मिक ग्रंथों में भी यह उल्लेख मिलता है कि पूर्व दिशा में मुख करके किया गया पूजन या कोई भी शुभ कार्य अधिक फलदायी होता है। राखी बांधते समय भी इस नियम का पालन करने से बहन द्वारा की गई प्रार्थना, रक्षा सूत्र की शक्ति और तिलक का प्रभाव अधिक प्रभावशाली होता है। यह भाई को दीर्घायु, निरोगता और सफलता प्रदान करता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।