वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में वास्तु दोष से संबंधित किसी तरह का दोष होता है तो घर में रहने वाले सदस्यों को कई तरह की परेशानियां का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार न सिर्फ घर के अंदर कई तरह के वास्तुदोष होते हैं बल्कि घर के बाहर भी कई तरह के वास्तु देखने को मिल सकते हैं। वास्तु दोष होने पर आर्थिक परेशानी, पारिवारिक जीवन में मनमुटाव और मानसिक परेशानी हो सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बाहर और आस पास ऐसी दस तरह की चीजें नहीं होनी चाहिए।
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
मान्यता है कि घर के मुख्य प्रवेश द्वार से ही सभी तरह की सुख- समृद्धि और वैभव का प्रवेश होता है। ऐसे में घर के बाहर गंदे पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। यह वास्तु दोष होने का प्रमुख कारण माना जाता है। वास्तु के अनुसार अगर यह जल जमाव घर के पश्चिम दिशा की ओर हो तो धन के नुकसान और अपयश होने का डर लगा रहता है।
घर के आगे कभी भी कांटेदार पौधे नहीं लगना चाहिए। घर के सामने कांटेदार पौधे होने से आपके शत्रुओं की संख्या बढ़ने लगती है। साथ पारिवारिक मतभेद और सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
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वास्तु उपाय
- घर के आगे कूड़ेदान या कूड़े का ढ़ेर नहीं होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार यह कष्टकारी और धन हानि का सूचक है।
- बिजली का खंभा मुख्य द्वार के सामने उन्नति में बाधक माना जाता है।
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vastu tips
- घर के आगे किसी भी तरह का घना पेड़ नहीं होना चाहिए। यह वास्तु दोष उत्पन्न करता है।
- घर के आगे से बेल का ऊपर चढ़ना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु विज्ञान के अनुसार इससे विरोधियों और शत्रुओं की संख्या बढ़ती है जिससे उन्नति में बाधा आती है।
- वास्तु के अनुसार घर की दहलीज यानी मुख्य द्वार से ऊंची सड़क का होना कष्टकारी होता है।
- वास्तु के अनुसार जिन पौधे में से हमेशा दूध की तरह कोई तरल पदार्थ निकलता है उसे घर के मुख्य दरवाजे के सामने कभी भी नहीं लगना चाहिए।