सत्य के शिव
- फोटो : shiv temple
जो मनुष्य गंध, पुष्प आदि से बिल्व के मूलभाग का पूजन करता है, वह शिवलोक को पाता है और इस लोक में भी उसकी सुख-संतति बढ़ती है। जो बिल्व की जड़ के समीप आदरपूर्वक दीप जलाता है,उसे भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जो मनुष्य बिल्व के नए पत्ते तोड़कर बिल्व वृक्ष की पूजा करता है,वह सब पापों से मुक्त हो जाता है। जो बिल्व की जड़ के समीप भगवान शिव के भक्त को श्रद्धा पूर्वक भोजन कराता है,उसे कोटिगुना पुण्य की प्राप्ति होती है। जो बिल्व की जड़ के पास शिवभक्त को खीर और घृतयुक्त भोजन देता है,वह कभी दरिद्र नहीं होता है। बेल के पेड़ के दर्शन से ही लाभ होता है और ये वंश वृद्धि में लाभदायक होता है।