अधिकतर बार लोगों को कहते सुना होगा कि गांव में रहने वाले लोगों को वास्तुदोष प्रभावित क्यों नहीं करता। शहरों में ही लोग इससे प्रभावित रहते हैं। अगर आपके मन में ही हमेशा यही सवाल चलता है तो यहां जानें आखिर क्यों गांव मके घरों में वास्तुदोष का असर क्यों नहीं होता।
विज्ञापन
2 of 5
दरअसल गांवों में जमीन की कभी नहीं होती। इसी वजह से नेगेटिव ऊर्जा पैदा करने वाले स्त्रोत जैसे टॉयलेट आदि घर के पास नहीं बल्कि दूर होते हैं।
विज्ञापन
3 of 5
गांव के घर पूर्व मुखी होते हैं, जिस वजह से सुबह की धूप घर पर सीधी पड़ती है। यही नहीं इस वजह से ईशान कोण दूषित भी नहीं होता है और किचन भी दक्षिण पूर्ण में बनता है।
4 of 5
शहर के घर में आंगन न होकर हॉल होते हैं, जिस वजह से वहां गांव की तरह आंगन के बीच तुलसी का पौधा नहीं रख पाते। तुलसी का पौधा ब्राह्मंड से कॉस्मिक ऊर्जा को लाकर घर में एक शुभ वातावरण बनाता है।