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Vastu Tips: इन वास्तु उपाय को अपनाकर आप ले सकते हैं अपने शयनकक्ष में चैन की नींद

Sun, 13 Dec 2020 06:30 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन, वास्तुविद
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मुख्य शयन कक्ष, जिसे मास्टर बेडरूम भी कहा जाता है वह घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। - फोटो : अमर उजाला
शयन कक्ष अर्थात बेडरूम हमारे घर की सबसे महत्वपूर्ण जगह है। जहां हमें सुकून और शांति भरी नींद मिलती है। कई बार शयन कक्ष में सभी तरह की सुविधाएं होने के कारण भी चैन की नींद नहीं आती। किसी भी प्रकार का तनाव नहीं होता है फिर भी अच्छी नींद नहीं आती है। यदि आपके साथ भी ऐसा होता है तो यकीन मानिए आपके बैडरूम में वास्तुदोष है। आइए जानते है आपके शयनकक्ष में कौन-कौन से वास्तुदोष हो सकते हैं।
  • दीवारें कभी भी सफेद या लाल रंग की नहीं होनी चाहिए। गहरे रंग की अपेक्षा हल्का रंग बेहतर होता है। हरा, गुलाबी या आसमानी रंग अच्छा प्रभाव छोड़ता है, कमरे में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है। आपसी मतभेदों को कम करने के लिए आप इन रंगों का प्रयोग पर्दे और बेडशीट के रूप में भी कर सकते हैं।
  • मुख्य शयन कक्ष, जिसे मास्टर बेडरूम भी कहा जाता है वह घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए।
  •  शयन कक्ष में सोते समय हमेशा सिर दीवार से सटाकर सोना चाहिए, यानि पलंग का सिराहना दीवार की ओर रखें।
  • कभी भी पैर दक्षिण और पूर्व दिशा में करने नहीं सोना चाहिए। उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोने से स्वास्थ्य तथा आर्थिक लाभ की संभावना रहती है। पश्चिम दिशा की ओर पैर करके सोने से शरीर की थकान निकलती है। बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है।  
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वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
  • अपराध, यातना, अशान्ति आदि के चित्र कमरे में न लगाएं। दम्पति के विवाह की तस्वीर कमरे में रखने से आपसी प्रेम बढ़ता है।
  •  बिस्तर के सामने कभी भी आईना बिलकुल भी न लगाएं ये बीमारी और क्लेश का कारण बनता है।
  • नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से बचने के लिए शयन कक्ष के दरवाजे के सामने पलंग न लगाएं।
  • डबलबेड पर गद्दा एक ही होना चाहिए। यदि दो गद्दे हैं तो वह अच्छे से जुड़े हुए होने चाहिए। गद्दों के बीच का अंदर पति-पत्नी के बीच में दरार का कारण बन सकता है।
  • शयन कक्ष के दरवाजे गंदे, टूटे हुए या खोलने बंद करने पर उनमें से किसी प्रकार की आवाज नहीं आनी चाहिए।
  • भूलकर भी बैडरूम में पूजाकक्ष, धार्मिक चित्र या पूर्वजों की तस्वीरें नहीं होना चाहिए, ऐसा होने से आपके जीवन में परेशानी हो सकती है।
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वास्तु उपाय
  •  वास्तु दोष उत्त्पन्न न हो इसलिए कमरे में लाइट बहुत तेज नहीं होनी चाहिए एवं लाइट ऐसी हो कि पलंग पर सीधा प्रकाश न पड़े। प्रकाश हमेशा पीछे या बाईं ओर से आना चाहिए।
  • पलंग लकड़ी का एवं आकार यथासंभव चौकोर रखना चाहिए। इस कक्ष में टूटा पलंग नहीं होना चाहिए। लकड़ी से बना पलंग श्रेष्ठ रहता है। लोहे से बने पलंग वर्जित कहे गए हैं।
  • पति-पत्नी के रिश्ते में मजबूती और प्रेम बनाए रखने के लिए कभी भी बेड को बीम के नीचे नहीं लगाना चाहिए। बीम अलगाव का प्रतीक होता है जो रिश्तों में दूरियां बढ़ाता है। यदि ऐसा करना संभव न हो तो बीम के नीचे बांसुरी या विंड चाइम लटका देना चाहिए, इससे वास्तु दोष दूर हो जाता है।
  • मेहमानों और दोस्तों को अतिथि गृह या ड्राइंग रूम में ही बैठाएं। अपने बेडरूम में हर किसी को नहीं लाना चाहिए, वास्तु विज्ञान के अनुसार ऐसा करने से शयन कक्ष में नकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है जो रिश्तों में दूरियां बढ़ाने का काम करता है।
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vastu tips
  • इस दिशा में दीवार में दरारें हों तो उसकी मरम्मत करवा दें। इस दिशा का कटा होना भी आर्थिक नुकसान का कारण होता है।
  • शयन कक्ष में झाड़ू, जूते-चप्पल, अटाला, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, टूटे और आवाज करने वाले पंखें, टूटी-फूटी वस्तुएं, फटे-पुराने कपड़े या प्लास्टिक का सामान न रखें। ये नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं ।
  • यदि पति और पत्नी में तनाव है या किसी कारणवश प्यार का संबंध स्थापित नहीं हो पा रहा है तो आप अपने शयन कक्ष में राधा-कृष्ण या हंसों के जोड़े का सुंदर-सा मन को भाने वाला चित्र लगा सकते हैं। इसके अलावा हिमालय, शंख या बांसुरी के चित्र भी लगा सकते हैं। ध्यान रखें, उपरोक्त में से किसी भी एक का ही चित्र लगाएं।
  • बेडरूम में अटैच टॉयलेट नहीं होना चाहिए। यदि है तो अटैच टॉयलेट का दरवाजा बंद रखें।
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