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वास्तुः पूजाघर से जुड़ी इन छोटी-छोटी गलतियों से घर में होता है अशुभता का वास

Tue, 28 Jul 2020 04:23 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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मंदिर से जुड़े वास्तु टिप्स प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

हम सभी के घर में एक छोटा सा मंदिर अवश्य होता है जिसमें हम पूजा करते हैं अपने इष्ट देव को मनाने के लिए उन्हें नैवेद्य, और फल-फूल अर्पित करते हैं। लेकिन जाने-अनजाने हम कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिससे घर में अशुभता आ सकती है। और कलह की स्थिति भी बन जाती है। जानते हैं क्या हैं वे गलतियां..

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पूजा घर में न रखें खंडित मूर्तियां (प्रतीकात्मत तस्वीर)

पूजा घर में कभी भी खंडित (टूटी) हुई मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। कहते हैं कि मंदिर में खंडित मूर्ति रखने से हमारा ध्यान पूजा से भटकता है, और हम एकाग्र होकर पूजा नहीं कर पाते हैं। जिसके कारण पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है। पूजा घर में खंडित मूर्तियां रखना शुभ नहींं रहता है। खंडित मूर्तियों को बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए या किसी पीपल के वृक्ष के नीचे रख देना चाहिए।

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पूजा घर में देवी-देवताओं की मूर्तियां आमने-सामने मुख करके नहीं रखना चाहिए(प्रतीकात्मक तस्वीर)

पूजा घर में एक ही देवी देवताओं की एक से अधिक प्रतिमाएं नहीं रखनी चाहिए। इससे घर के सदस्यों के बीच कलह उत्पन्न होती है। साथ ही देवी-देवताओं की मूर्ति को कभी भी आमने-सामने मुख करने नहीं रखना चाहिए।

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खंडित दिया नहीं जलाना चाहिए(प्रतीकात्मक तस्वीर)

सभी लोग मंदिर में दीपक प्रज्वलित करते हैं,लेकिन अगर दीपक कहीं से थोड़ा सा भी खंडित हो जाए,तो भी उस दीपक से पूजा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।

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पूजा घर में सूखे फूल माला नहीं रखना चाहिए(प्रतीकात्मक तस्वीर)

पूजा में फूल अर्पित करने का बहुत महत्व होता है सभी लोग देवी-देवताओं को फूल-माला अर्पित करते हैं, लेकिन फूल-माला चढ़ाने के बाद हटाना भूल जाते हैं, और वे मंदिर में पड़े-पड़े ही सूख जाती हैं। लेकिन यह शुभ नहीं होता है। सुबह के समय चढ़ाए गए फूल और मालाओं को शाम से पहले ही पूजाघर से हटा देना चाहिए।

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पूजा में सूखे हुए तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए(प्रतीकात्मक तस्वीर)

तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते हैं लेकिन जब किसी कारणवश आप तुलसी नहीं तोड़ सकते हैं तभी बासी पत्तों का उपयोग किया जाना चाहिए। लेकिन कुछ लोग तुलसी के पत्तों को पहले से ही तोड़ कर रख लेते हैं और सूखे हुए तुलसी के पत्ते भगवान को अर्पित करते हैं। ऐसा करना शुभ नहीं होता है।

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