(प्रतीकात्मक तस्वीर)
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर के मध्य भाग्य या आंगन को ब्रह्म स्थान माना गया है। पहले के समय में बड़े-बड़े घर हुआ करते थे। जिसमें पूरा आंगन खुला होता था। आज के समय में घरों का आकार और बनावट में बहुत बदलाव आ गया है, जिसके कारण ज्यादातर घरों में आंगन नहीं होता है, इसलिए ब्रह्म स्थान खुला हुआ रखना संभव नहीं रहता है। घर का मध्य भाग यदि दबा हुआ हो या वहां पर भारी-भरकम सामान रखा हो तो यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं रहता है। यह रोगों को आमंत्रण देने के समान होता है।इससे आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है। यदि घर में आंगन बनाने की जगह न हो तो उत्तर या पूर्व की तरफ का स्थान खुला रखना चाहिए।