Retrograde Mars Effect on Zodiac Signs: वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को सेनापति का दर्जा दिया गया है। मंगल जन्मकुंडली में तीसरे, छठे और दशम भाव के कारक भी माने गए है। मंगल को लग्न और अष्टम भाव का आधिपत्य दिया गया है। व्यक्ति की ऊर्जा, साहस और पराक्रम का विचार मंगल से ही किया जाता है। तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में मंगल देव जातक को करोड़पति भी बनाते हुए देखे गए है। मंगल ग्रह भूमि के साथ-साथ इंजीनियरिंग का कारक भी कहा गया है। किसी भी व्यक्ति को भूमि और संपत्ति का सुख बिना मंगल की कृपा के नहीं मिलता है। मंगल देव 13 नवंबर को वक्री अवस्था में ही वृष राशि में प्रवेश कर रहे है। उनके इस गोचर से 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइए समझते हैं।