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Vakri Mangal: 13 नवंबर को वक्री मंगल का वृष राशि में प्रवेश ! 12 राशियों पर क्या होगा प्रभाव ?

Sat, 05 Nov 2022 09:52 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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मंगल देव 13 नवंबर को वक्री अवस्था में ही वृष राशि में प्रवेश कर रहे है। - फोटो : mars transit 2020
Retrograde Mars Effect on Zodiac Signs: वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को सेनापति का दर्जा दिया गया है। मंगल जन्मकुंडली में तीसरे, छठे और दशम भाव के कारक भी माने गए है। मंगल को लग्न और अष्टम भाव का आधिपत्य दिया गया है। व्यक्ति की ऊर्जा, साहस और पराक्रम का विचार मंगल से ही किया जाता है। तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में मंगल देव जातक को करोड़पति भी बनाते हुए देखे गए है। मंगल ग्रह भूमि के साथ-साथ इंजीनियरिंग का कारक भी कहा गया है। किसी भी व्यक्ति को भूमि और संपत्ति का सुख बिना मंगल की कृपा के नहीं मिलता है। मंगल देव 13 नवंबर को वक्री अवस्था में ही वृष राशि में प्रवेश कर रहे है। उनके इस गोचर से 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइए समझते हैं। 
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mesh rashifal 2022 - फोटो : अमर उजाला
मेष राशि-  इस राशि के जातकों के लिए मंगल लग्न के साथ ही अष्टम भाव के स्वामी होते है। मंगल अपनी वक्री अवस्था में आपके दूसरे भाव यानी वाणी और कुटुंब भाव से गोचर करेंगे। मंगल की दृष्टि आपके पंचम, अष्टम और नवम भाव पर जा रही है। अष्टम भाव में आपके लिए शुक्र का गोचर पहले से ही हो रहा है। इस गोचर काल में आपकी वाणी में कुछ कड़वापन आ सकता है। इस समय आपकी वाणी की कटुता से परिवार में कोई विवाद जन्म ले सकता है। आपको अचानक से कोई बड़ी धन हानि हो सकती है। स्त्री वर्ग पर धन खर्च होने के योग है। पढ़ाई  कर रहे जातकों को कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। अपने प्रेमी से अनबन हो सकती है। पिता से मतभेद को टालना होगा। 
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TAURUS RASHIFAL - फोटो : अमर उजाला
वृष राशि-  इस राशि के जातकों के लिए मंगल सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी होते हैं। मंगल अपनी वक्री अवस्था में आपके लग्न में ही गोचर करेंगे। मंगल की दृष्टि चौथे, छठे और सप्तम भाव पर जा रही है। सप्तम में विराजमान शुक्र पर मंगल की पूर्ण सप्तम दृष्टि है। वक्री मंगल का लग्न में गोचर स्वास्थ्य के नजरिये से थोड़ा नुकसानदायक हो सकता है। इस समय आपकी ऊर्जा में थोड़ी कमी देखी जा सकती है। इस अवधि में थोड़ा मानसिक तनाव भी हो सकता है। अपनी मां की सेहत का ध्यान रखना होगा। नौकरी में बढ़िया प्रदर्शन करेंगे। कर्जा मुक्त होने की संभावना है। अपनी पत्नी से मतभेद को बढ़ने नहीं देना है। विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। इस समय साझेदारी में कोई नया काम शुरू नहीं करें। 

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Gemini - फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि - इस राशि के जातकों के लिए मंगल लाभ भाव और रोग ऋण शत्रु यानी 11वें और छठे भाव के स्वामी हैं। मंगल अपनी वक्री अवस्था में आपके बारहवें यानी व्यय भाव में गोचर करेंगे। मंगल की पूर्ण दृष्टि आपके तीसरे, छठे और सप्तम भाव पर होगी। मंगल की छठे भाव में विराजमान शुक्र पर भी पूर्ण दृष्टि होगी। इस समय आप अपने भाई के साथ किसी विवाद को जन्म दे सकते है। अत्यधिक साहस में अपने ही काम बिगाड़ लेंगे। यात्राओं से लाभ होगा लेकिन धन खर्च की संभावना है। अगर आप रक्त विकार या बीपी जैसी बीमारी से पीड़ित है तो सेहत का आपको ध्यान रखना होगा। आपको अपने जीवनसाथी की भावनाओं की भी कद्र करनी होगी। अपने प्रेमी से कोई विवाद नहीं करे। नए निवेश के लिए समय अनुकूल नहीं है। 
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Cancer - फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि-  इस राशि के जातकों के लिए मंगल परम राजयोग कारक होते हैं। मंगल पंचम और दशम भाव के स्वामी है और वक्री अवस्था में उनका गोचर लाभ स्थान में होगा। उनकी पूर्ण दृष्टि आपके धन भाव, संतान भाव और रोग के भाव पर जा रही है। पंचम में विराजमान शुक्र पर उनकी पूर्ण सप्तम दृष्टि रहेगी। इस अवधि में आपको मंगल देव की कृपा से धन लाभ होने की उम्मीद है। आपको कोई बड़ा काम या बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। पैतृक व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को भी सफलता मिलेगी। इस समय किसी करीबी मित्र से मित्रता प्रेम में बदलने जा रही है। विवाहित जातक पत्नी के साथ घूमने बाहर जा सकते है। 
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Leo - फोटो : अमर उजाला
सिंह राशि- इस राशि के जातकों के लिए मंगल देव चौथे और भाग्य भाव के स्वामी होकर दशम भाव से गोचर करेंगे। मंगल दशम भाव में अति बलवान कहे जाते हैं, वहीं मंगल की पूर्ण दृष्टि आपके लग्न, चतुर्थ और पंचम भाव पर है। मां के घर में विराजमान शुक्र पर मंगल की पूर्ण सप्तम दृष्टि है। इस गोचर काल में आप अपने कार्य स्थल पर लक्ष्यों को सिद्ध करने में सफल होंगे। भूमि, अग्नि और शस्त्र निर्माण से जुड़े लोगों का साहस और पराक्रम बढ़ा हुआ रहेगा। इस समय आप अपने घर की सुविधाओं के लिए धन खर्च करेंगे। इस अवधि में समाज में आपका मान सम्मान बढ़ा हुआ रहने वाला है। सरकारी नौकरी कर रहे जातकों को सरकार से सहयोग मिलेगा। इस अवधि में आपकी वाणी का प्रभाव बढ़ा हुआ रहेगा।
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Virgo - फोटो : अमर उजाला
कन्या राशि-  इस राशि के जातकों के लिए मंगल तीसरे और आठवें भाव के स्वामी होते हैं और वो अपनी वक्री अवस्था में आपके भाग्य स्थान में गोचर करेंगे। मंगल की दृष्टि बारहवें, तीसरे और चौथे भाव पर है। तीसरे भाव में विराजमान शुक्र पर मंगल की पूर्ण सप्तम दृष्टि है। इस गोचर के दौरान आपको अपने पिता और गुरु का आदर करके चलना होगा। अपने पिता की कुछ बातों से आप असहमत हो सकते हैं। किसी महिला मित्र के साथ यात्रा के योग हैं। इस समय आपको अपने भाइयों के सहयोग में कुछ कमी महसूस हो सकती है। कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर कुछ मानसिक तनाव भी देने वाला हो सकता है। इस अवधि में आपको अपनी सेहत का भी ध्यान रखना होगा। अगर किसी जमीन को खरीदने की सोच रहे हैं तो कुछ महीनों के लिए निर्णय को टाल देना बेहतर रहेगा। 

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Virgo - फोटो : अमर उजाला
तुला राशि- इस राशि के जातकों के लिए मंगल प्रबल मारकेश का काम करते है। मंगल आपके सप्तम और द्वितीय भाव के स्वामी होकर अष्टम भाव में वक्री होकर प्रवेश करेंगे। मंगल की पूर्ण दृष्टि आपके ग्यारहवें, दूसरे और तीसरे भाव पर रहने वाली है। दूसरे भाव में विराजमान शुक्र पर भी मंगल की पूर्ण दृष्टि होगी। इस समय आप किसी स्त्री के कारण विवाद में पड़ सकते है। अचानक से कुछ अनिष्ट होने का भी योग दिखाई दे रहा है। इस समय आपको मानसिक तनाव भी झेलना पड़ सकता है। व्यापारी वर्ग को धन हानि सम्भव है। इस अवधि में कार्य स्थल पर अपने सहकर्मियों के साथ आपको नरमी से पेश आना होगा। बेवजह की यात्राओं को टालने में ही भलाई है। इस गोचर में आपको अपने मित्रों पर अधिक भरोसा नहीं करना है। 

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Scorpio - फोटो : अमर उजाला
वृश्चिक राशि- इस राशि के जातकों के लिए मंगल लग्न और छठे भाव के स्वामी होते हैं। वक्री मंगल का गोचर अब आपके सप्तम भाव से होने जा रहा है। मंगल की दृष्टि आपके दशम, लग्न और द्वितीय भाव पर रहेगी। लग्न में विराजमान शुक्र पर मंगल की सप्तम पूर्ण दृष्टि है। इस अवधि में आप अपनी पत्नी की सहायता से किसी बड़े लक्ष्य को प्राप्त करेंगे हालांकि इस समय आपको किसी अहंकार के भाव से बचने की सलाह दी जाती है। अगर आप अविवाहित हैं तो किसी नए प्रेमी का जीवन में प्रवेश हो सकता है। कार्य स्थल पर आपको होने सीनियर से बहस करने से बचने की सलाह दी जाती है। इस समय साहस और पराक्रम बढ़ा हुआ रहेगा। वक्री मंगल के इस गोचर के दौरान कोर्ट कचहरी के विवादों से दूर रहें। इस समय वाणी में तीव्रता रहेगी इसलिए विनम्र बने रहें। 

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Sagittarius - फोटो : अमर उजाला
धनु राशि- इस राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह पंचम और द्वादश भाव के स्वामी होकर अपनी वक्री अवस्था में छठे भाव से गोचर करेंगे। इस भाव को रोग ऋण शत्रु का भाव कहा जाता है और यहां मंगल विपरीत राजयोग का निर्माण करेंगे। मंगल की पूर्ण दृष्टि भाग्य, द्वादश और लग्न भाव पर होगी। द्वादश में विराजमान शुक्र देव पर भी उनकी सप्तम दृष्टि होगी। इस समय इस राशि के जातकों को विदेश से लाभ होगा। वीजा के लिए आवेदन करने का सही समय है। कार्यस्थल पर शत्रु परास्त होंगे। किसी महिला मित्र की सहायता से विदेश से बड़ा ऑफर मिल सकता है। अपने पिता और गुरुओं के आशीर्वाद से आप इस समय लक्ष्य सिद्धि करने में सफल होंगे। अगर आपको रक्त संबंधी विकार से जुड़ी कोई बीमारी है तो अपना ध्यान रखना होगा। 

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Capricorn - फोटो : अमर उजाला
मकर राशि-  इस राशि के जातकों के लिए मंगल चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी होते हैं और मंगल देव पंचम भाव में वक्री अवस्था में ही गोचर करेंगे। मंगल की पूर्ण दृष्टि अष्टम भाव, ग्यारहवें भाव और बारहवें भाव पर जा रही है। लाभ स्थान में विराजमान शुक्र पर मंगल की पूरी सप्तम दृष्टि है। इस समय आपको संतान पक्ष से कोई कष्ट संभव है। आप अपने संतान की सेहत को लेकर चिंतित रह सकते हैं। आपको इस समय अपने परिवार के साथ पिकनिक के लिए जाना चाहिए। प्रेमी जोड़े अनबन का शिकार हो सकते है इसलिए अपने प्रेमी की भावना को समझकर उसे स्नेह करना होगा। अविवाहित जातक किसी विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण में आ सकते हैं। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। विदेशी भूमि से जुड़े व्यापारी वर्ग को लाभ में देरी होने के योग है इसलिए इस अवधि में धीरज बनाकर चलना होगा। 

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Aquarius - फोटो : अमर उजाला
कुंभ राशि-  इस राशि के जातकों के लिए मंगल तीसरे और दसवें भाव के स्वामी होते है। मंगल अब वक्री होकर आपके चौथे भाव से गोचर करेंगे। मंगल की दृष्टि आपके सप्तम, दशम और एकादश भाव पर जा रही है। दशम भाव में विराजमान शुक्र पर मंगल की पूर्ण दृष्टि होगी। इस अवधि में आपके कार्यस्थल पर किसी महिला सहकर्मी से अच्छे संबंध बन सकते है। किसी महिला की मदद से आपको बड़ा ऑफर मिल सकता है। चौथे भाव में विराजमान मंगल थोड़ी मानसिक अशांति भी आपको प्रदान कर सकते है। इस अवधि में आपको अपने जीवनसाथी की भावनाओं को समझकर चलना होगा। पत्नी से विवाद की गुंजाईश को टालने की कोशिश करे। अपने मित्रों और बड़े भाई के सहयोग के कारण मन प्रसन्न रहेगा। 
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Pisce - फोटो : अमर उजाला
मीन राशि-  इस राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह द्वितीय और भाग्य स्थान के स्वामी होते है। मंगल वक्री होकर आपके तीसरे भाव में गोचर करने वाले है। मंगल की पूर्ण दृष्टि आपके छठे, भाग्य और दशम भाव पर जा रही है। इस समय आपके भाग्य में विराजमान शुक्र पर मंगल की सप्तम दृष्टि है। इस समय आपको कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है। इस अवधि में की गई यात्राओं से लाभ होगा। आप अपनी पत्नी के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर भी जा सकते है। इस समय आपको भूमि भवन से जुड़ा कोई बड़ा लाभ हो सकता है। किसी पुरानी बीमारी से आपको निजात मिल सकती है। कार्य स्थल पर आपको तरक्की मिल सकती है। इस समय आपके सीनियर आपका पूरा सहयोग करेंगे।
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