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Surya Grahan 2021: सूर्य ग्रहण आज, जानें देश में कहां और कितने बजे से आरंभ होगा ग्रहण?

Thu, 10 Jun 2021 07:06 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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surya grahan 2021 भारतीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शाम 6 बजकर 41 मिनट तक सूर्यग्रहण रहेगा। इस सूर्यग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे की रहेगी। - फोटो : अमर उजाला
Surya Grahan 2021 (Solar Eclipse): 10 जून को साल का पहला सूर्यग्रहण है। इससे पहले 26 मई को पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण भी लगा था। अब 15 दिनों के अंतर में यह दूसरा ग्रहण है। साल का यह पहला सूर्यग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा जिसमें कुछ स्थानों पर सूर्य अगूंठी की नजर आएगा जिसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। भारतीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शाम 6 बजकर 41 मिनट तक सूर्यग्रहण रहेगा। इस सूर्यग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे की रहेगी। यह दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि पर सूर्यग्रहण के साथ दो प्रमुख व्रत भी है पहला इस दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर न्याय के देवता भगवान शनि की जन्म हुआ था। दूसरा इस दिन वट सावित्री व्रत भी रखा जाएगा। ज्योतिशास्त्र के अनुसार सूर्यग्रहण वृषभ राशि और मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा। आइए जानते हैं 10 जून को लगने वाले सूर्य ग्रहण की हर एक जानकारी... 
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surya grahan
कितने बजे से आरंभ होगा सूर्यग्रहण
सूर्यग्रहण भारतीय समय के अनुसार 10 जून की दोपहर को 1 बजकर 42 मिनट से शुरू हो जाएगा। शाम के 6 बजकर 41 मिनट पर ग्रहण का समापन होगा। सूर्यग्रहण की कुल अवधि करीब 5 घंटे की रहेगी।
 
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Surya Grahan
क्या भारत में सूर्यग्रहण दिखाई देगा
भारत में इस सूर्यग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा। यह ग्रहण  सूर्यग्रहण अमेरिका, यूरोप और एशिया, उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रूस में दिखाई देगा। हालांकि खगोल के जानकारों का कहना है कि भारत में इस ग्रहण को सूर्यास्त के कुछ मिनटों पहले लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में आंशिक तौर पर देखा जा सकता है। विदेशों में रिंग ऑफ फायर का नजारा भी देखने को मिलेगा।

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solar eclipse - फोटो : सोशल मीडिया
क्या सूतककाल मान्य होगा
इस सूर्यग्रहण में सूतककाल मान्य नहीं होगा क्योंकि भारत में ग्रहण नहीं दिखाई देगा। ऐसे में किसी भी तरह के काम और धार्मिक आयोजनों में कोई भी रुकावट नहीं आएगी। पहले की तरह सभी के शुभ कार्य और अनुष्ठान जारी रहेगा। शास्त्रों में सूततकाल को अशुभ माना गया है। सूतक लग जाने पर किसी भी तरह के शुभ कार्य और पूजा पाठ नहीं किया जा सकता।  सूतक काल लगते ही मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। सूतक काल चंद्र ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले और सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले मान्य होता है। 
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solar eclipse - फोटो : अमर उजाला।
क्या होता है रिंग ऑफ फायर
विदेशों में सूर्यग्रहण के दौरान रिंग ऑफ फायर का नजारा देखने को मिलेगा। जब सूर्यग्रहण अपने चरम पर होगा तब ग्रीनलैंड में रिंग ऑफ फायर देखने को मिल सकता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य का करीब 99 प्रतिशत भाग ढक लेता है और सूर्य का कुछ बाहरी हिस्सा ही दिखाई देता है। इसमें सूर्य का बाहरी हिस्सा गोलाई में एक चमकदार कंगन की तरह दिखाई देता है और बीच के हिस्सा में छाया रहती है। इसे ही रिंग ऑफ फायर कहते हैं।
 
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