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उपाय: रविवार के दिन सूर्य देव की इस विधि से करें आराधना, मिलेंगे चमत्कारिक परिणाम

Sun, 21 Mar 2021 01:20 PM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रविवार के उपाय - फोटो : iStock
रविवार का दिन सूर्य देव का दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य भगवान की पूजा करने से जातकों को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। सूर्य देव को ज्योतिष शास्त्र में एक ग्रह की संज्ञा दी गई है जो आत्मा का कारक है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति रविवार के दिन सूर्य देव की आराधना करता है उसे समाज में मान-सम्मान, उच्च पद प्रतिष्ठा प्राप्त होता है। 
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सूर्य की साधना को समर्पित है रविवार का दिन  - फोटो : Social media
सूर्य की साधना को समर्पित है रविवार का दिन 
रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है। इस दिन भगवान सूर्य की साधना-आराधना करने पर शीघ्र ही उनकी कृपा प्राप्त होती है। रविवार के दिन भक्ति भाव से किए गए पूजन से प्रसन्न होकर प्रत्यक्ष देवता सूर्यदेव अपने भक्तों को आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। 
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सूर्य उपासना विधि - फोटो : सोशल मीडिया
इस विधि से करें सूर्य की साधना
सनातन परंपरा में प्रत्यक्ष देवता सूर्य की साधना-उपासना शीघ्र ही फल देने वाली मानी गई है। सूर्यदेव की पूजा के लिए सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें। इसके पश्चात् उगते हुए सूर्य का दर्शन करते हुए उन्हें ॐ घृणि सूर्याय नम: कहते हुए जल अर्पित करें। सूर्य को दिए जाने वाले जल में लाल रोली, लाल फूल मिलाकर जल दें। सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात्प लाल आसन में बैठकर पूर्व दिशा में मुख करके सूर्य के मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। 

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सूर्य उपासना विधि - फोटो : सोशल मीडिया
उगते ही नहीं डूबते सूर्य को भी देते हैं अर्घ्य 
सूर्यदेव की न सिर्फ उदय होते हुए बल्कि अस्त होते समय भी की जाती है। भगवान भास्कर की डूबते हुए साधना सूर्य षष्ठी के पर्व पर की जाती है। जिसे हम छठ पूजा के रूप में जानते हैं। इस दिन सूर्य देवता को अघ्र्य देने से इस जन्म के साथ-साथ, किसी भी जन्म में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं। अस्त हो रहे सूर्य को पूजन करने के पीछे ध्येय यह भी होता है कि — ‘हे सूर्य देव, आज शाम हम आपको आमंत्रित करते हैं कि कल प्रातःकाल का पूजन आप स्वीकार करें और हमारी मनोकामनाएं पूरी करें। 
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सूर्य की दिन के तीन प्रहर की साधना विशेष रूप से फलदायी होती है।  - फोटो : sun
क्यों करते हैं सूर्य के तीन प्रहर की साधना 

सूर्य की दिन के तीन प्रहर की साधना विशेष रूप से फलदायी होती है। 
1. प्रातःकाल के समय सूर्य की साधना से आरोग्य की प्राप्ति होती है। 
2. दोपहर के समय की साधना साधक को मान-सम्मान में वृद्धि कराती है। 
3. संध्या के समय की विशेष रूप से की जाने वाली सूर्य की साधना सौभाग्य को जगाती है और संपन्नता लाती है। 
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सूर्य देव की पूजा के मंत्र - फोटो : सोशल मीडिया
सूर्य के इस मंत्र से पूरी होगी मनोकामना 

सूर्य की साधना में मंत्रों का जप करने पर मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती है। सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत का आशीर्वाद प्राप्त होता है। तमाम तरह की बीमारी और जीवन से जुड़े अपयश दूर हो जाते हैं। सूर्य के आशीर्वाद से आपके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार होता है। जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता दिलाने वाले सूर्य मंत्र इस प्रकार हैं - 

एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां भक्त्या गृहणाध्र्य दिवाकर।।

ॐ घृणि सूर्याय नमः।।

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पतेए अनुकंपयेमां भक्त्याए गृहाणार्घय दिवाकररू।।

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।।
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