Shukra Asta 2022: सितंबर का महीना शुक्र ग्रह के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकिइस माह में शुक्र ग्रह का गोचर और अस्त दोनों होगा। वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, वैभव, विलासिता, प्रेम और रोमांस का कारक ग्रह माना गया है। ऐसे में जब भी राशि परिवर्तन या शुक्र की चाल में परिवर्तन होता है, तो यह व्यक्ति के विलासिता और वैवाहिक जीवन को निश्चित रूप से प्रभावित करता है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह पर स्थिति मजबूत होती है, उनके जीवन में सुख, समृद्धि, रोमांस और भोग विलास की कमी नहीं होती है। शुक्र ग्रह 23 दिनों के बीच एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है। 15 सितंबर को शुक्र सिंह राशि में रहते हुए अस्त हुए हैं। वैसे तो सिंह राशि में शुक्र का अस्त का सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा लेकिन 4 ऐसी राशियां हैं जिस पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं कौन सि हैं वो राशियां।